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Una News: सरकारी स्कूलों में बढ़ा दी वोकेशनल ट्रेड संख्या, विशेषज्ञ की तैनाती करना भूले

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सरकार ने कक्षा नौवीं से 12वीं तक करीब एक साल पहले बढ़ाई थी वोकेशनल कोर्स की संख्या
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नए विषय तो जोड़े लेकिन अध्यापकों की तैनाती नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

संवाद न्यूज एजेंसी

नारी (ऊना)। सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं से 12वीं तक पढ़ाए जाने वाले वोकेशनल कोर्स की ट्रेड संख्या में एक वर्ष पहले बढ़ोतरी की गई। यह फैसला पिछले शैक्षणिक सत्र से ही लागू है। इनमें ब्यूटीशियन, टेली कम्युनिकेशन, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि व बागबानी, इलेक्ट्रॉनिक, ऑटोमोबाइल आदि नए ट्रेड लगा दिए गए लेकिन 70 फीसदी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। कक्षा छठी से आठवीं तक प्री वोकेशनल की शिक्षा दी जा रही। इसके लिए बाकायदा 15000 रुपये से 25000 और कक्षा नौवीं से 12वीं तक 50000 से 75000 तक सालाना बजट आवंटित किया जा रहा। कक्षा छठी से आठवीं तक तो वोकेशनल अध्यापक ही नहीं है।
खानापूर्ति के लिए बच्चों को किसी स्थान पर एक दिन के लिए ले जाया जाता है। उसमें ही राशि खर्च हो जाती है। इसी प्रकार जहां वोकेशनल अध्यापक है, वहां बच्चों को लाभ मिल रहा है। बिना अध्यापक वाले विद्यालयों में टूर लगाकर और वोकेशनल शिक्षा पर किसी विशेषज्ञ की ओर से बच्चों को वोकेशनल शिक्षा के फायदे बता दिए जाते हैं। अगर बात ऊना जिला की करें तो जिले में 143 वरिष्ठ माध्यमिक और 54 उच्च स्कूल हैं लेकिन इनमें लगभग 70 प्रतिशत स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा के विशेषज्ञ अध्यापक ही नहीं। विशेषज्ञ अध्यापक न होने की वजह से बच्चों तक लाभ नहीं पहुंच पा रहा। कई उच्च स्कूलों में बच्चे केवल ड्राइंग विषय ही पढ़ रहे हैं। वहां वोकेशनल शिक्षा का विषय ही न होने के कारण कई बच्चे इससे वंचित रह रहे। वोकेशनल का वैकल्पिक विषय ड्राइंग है। मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य संगठन के जिला अध्यक्ष नरेश शर्मा और महासचिव विवेक दत्ता का कहना है कि बड़ी कक्षाओं में वैकल्पिक विषय बढ़ा दिए गए परंतु विशेषज्ञ अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की गई।
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नए दाखिले के समय भी बच्चों को वैकल्पिक विषय रखने के लिए परेशानियों में से गुजरना पड़ता है। इसे लेकर बहुत ही चिंताजनक और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार या तो अध्यापक नियुक्त करें या नए ऑप्शनल विषय शुरू ही न किए जाएं।
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जिला उच्च शिक्षा उपनिदेशक अनिल कुमार का कहना है कि सरकारी आदेशों की पालना करना हमारी ड्यूटी का हिस्सा है। जैसे ही उच्च अधिकारियों की तरफ से आदेश आएंगे, उन्हें तुरंत अमल में लाया जाएगा।
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