ऊना। जिले में मानसून की बारिश के बाद खेतों में एक बार फिर किसानों की चहल-पहल बढ़ गई है। लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने मक्की, हरी सब्जियों और अन्य खरीफ फसलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर दिया है। किसानों ने फसलों की बेहतर बढ़वार के लिए खाद का छिड़काव शुरू कर दिया है। इसके साथ ही खेतों में उगने वाले खरपतवार को हटाने का कार्य भी तेज होने लगा है ताकि फसलों को पर्याप्त पोषण मिल सके और उत्पादन बेहतर हो। जिला ऊना में इस वर्ष करीब 30 हजार हेक्टेयर भूमि पर मक्की की फसल लगाई गई है। इसके अलावा लगभग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर, भिंडी, लौकी, तोरई, खीरा सहित विभिन्न हरी सब्जियों और अन्य खरीफ फसलों की खेती की जा रही है।
जिले के हरोली, गगरेट, अंब, बंगाणा, ऊना सदर क्षेत्र के गांवों में इन दिनों खेतों में किसानों की अच्छी-खासी आवाजाही देखी जा रही है। किसानों में आकाश ठाकुर, रमेश लाल, राकेश कुमार, हनीष कुमार सहित अन्य का मानना है कि यदि आगामी दिनों में समय-समय पर सामान्य बारिश होती रही तो इस बार जिले में मक्की और सब्जियों की फसल का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहने की उम्मीद है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर ने कहा कि बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी होने से मक्की व अन्य खरीफ फसलों में खाद डालने का यह उपयुक्त समय है।