मैहतपुर (ऊना)। पिछले चार माह से वेतन न मिलने के कारण नाराज रंगड़ ब्रीवरेज शराब उद्योग के श्रमिकों ने मुख्य गेट पर धरना दिया और उद्योग प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
श्रमिकों का आरोप है कि उद्योग प्रबंधन ने पिछले चार माह से वेतन नहीं दिया और न ही 2021 का मिनिमम बेजिस लागू किए हैं। श्रमिकों का कहना है कि 2019 और 20 के बढ़े बेसिक का बकाया एरियर भी उद्योग प्रबंधन ने अदा नहीं किया है। श्रमिकों ने उपायुक्त के समक्ष भी दर्द बयां किया है।
उन्हाेंने कहा कि जल्द उनका चार माह का बकाया वेतन तथा बकाया एरियर ओवरटाइम आदि का हिसाब दिलाया जाए। श्रमिकों का कहना है कि चार-पांच महीनों से वेतन न मिलने के चलते उनको तथा उनके परिवार को दो वक्त के खाने के लाले पड़ चुके हैं। हालात इतनी ज्यादा खराब हो चुके हैं कि कई मजदूर आत्महत्या तक का कदम उठाने की सोचने लगे हैं। उद्योग के श्रमिकों ने कहा कि श्रम कानून की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन श्रम विभाग के आला अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।
उद्योग के श्रमिक सतपाल, प्रेम कुमार, यशपाल, राकेश कुमार अमरीक सिंह, रमाकांत, किशन देव, अमित, सगली राम, सुरेंद्र कुमार, सुरेश चंद, विकास, भावना, संजीव कुमार, गुरनाम सिंह, दर्शन सिंह, रविंदर, अजमेर सिंह, कुलदीप चंद, रामपाल, राजकुमार, कमल देव, सुखदेव, जसविंदर सिंह, रघुनाथ, सुमन, अंजू ने कहा कि वेतन न देने के चलते उद्योग प्रबंधन ने लेआउट का नोटिस चिपका दिया है।
इस संबंध में शराब उद्योग के जीएम नीरज त्यागी ने कहा कि पिछले कुछ समय से उद्योग की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण श्रमिकों का वेतन देने में देरी हुई है। कंपनी का ढाई-तीन करोड़ ठेकेदारों के पास फंसा है। मामला कोर्ट में है। जल्द ही श्रमिकों का बकाया वेतन भुगतान कर दिया जाएगा।
चार सुरक्षाकर्मियों ने छोड़ी नौकरी
उद्योग में कार्य कार्यरत सुरक्षाकर्मियों को भी पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है। वेतन न मिलने के चलते 18 सुरक्षाकर्मियों में से चार ने नौकरी छोड़ दी है। 14 सुरक्षाकर्मी वेतन की मांग तथा 2020 का मिनिमम वेजिस लागू करने की मांग कर रहे हैं।
सतपाल रायजादा ने भी उठाया मसला
ऊना के विधायक सतपाल रायजादा ने भी शराब उद्योग के इन श्रमिकों का यह मुद्दा उठाते हुए सरकार तथा जिला प्रशासन से मांग उठाई है कि गरीब श्रमिकों का शोषण करने वाले उद्योग प्रबंधन के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए और श्रमिकों का बकाया वेतन जल्द से जल्द दिलवाया जाए।