क्षेत्र के मवा कोहलां में भीषण अग्निकांड में प्रवासी मजदूरों की करीब 54 झुग्गियां आग की भेंट चढ़ गईं। घटना में मजदूरों की नकदी, राशन सहित घरेलू सामान भी जल गया। अग्निकांड से लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। उधर, दमकल विभाग ने मौके पर मोर्चा संभालते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, अभी तक आग लगने के कारणों का सुराग खुलासा नहीं लग पाया है।
घटना के दौरान सभी प्रवासी अपने कार्य क्षेत्रों में मजदूरी करने गए हुए थे। जानकारी के मुताबिक वीरवार दोपहर करीब दो बजकर 10 मिनट पर मवां कहोलां स्थित प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों में अचानक की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते लपटों ने रौद्र रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक करीब 54 झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देख स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया और लोगों की भारी भीड़ मौके पर एकत्रित हो गई।
दमकल विभाग की टीम मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर जा पहुंची और आग पर काबू पाने का खूब प्रयास किया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी हाशिम अली, स्थानीय चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र पठानिया ने टीम सहित घटनास्थल पर पहुंचकर प्रभावित प्रवासी परिवारों के बयान कलमबद्ध किए। अग्निकांड में जिन प्रवासी मजदूरों की झुग्गियां जलकर राख हुई हैं, उनमें श्याम लाल, सुधीर, सुनीता, शंभू, सुनील, राधे, अमरजीत, शादीलाल, देवन, महेश, गंगा, विनोद, सुखदेव, सूरज, संजय, पप्पू साहनी, सूरज साहनी, ऊषा, शाम साहनी, सुखदेव, बिट्टू सभी निवासी दरभंगा बिहार के रहने वाले हैं। उधर, चौकी प्रभारी राजेंद्र पठानिया ने कहा कि पुलिस ने घटना के संदर्भ में मामले की आगामी छानबीन शुरू कर दी है। वहीं, तहसीलदार घनारी रामेश्वर दास ने मौके पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया।