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हिमाचल प्रदेश: तिथी भोजन में हिमाचल देश में फिसड्डी, हर महीने देनी होगी रिपोर्ट; आयोजन और रिकॉर्ड रखना जरूरी

Thu, 29 Oct 2026 10:18 AM IST
Ankesh Dogra विकास चौधरी, ऊना।

सार

हिमाचल प्रदेश में तिथि भोजन कार्यक्रम का प्रदर्शन करीब 8% रहने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। 

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तिथि भोजन योजना फेल? - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के तहत चल रहे तिथि भोजन कार्यक्रम की धीमी प्रगति को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। उपलब्ध विभागीय जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रदर्शन करीब 8% रहा है। इस स्थिति पर केंद्रीय स्तर पर चिंता जताए जाने के बाद शिक्षा निदेशालय ने जिलों को कार्यक्रम का क्रियान्वयन सुधारने और रिपोर्टिंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

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नए निर्देशों के तहत प्रदेश के प्रत्येक सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालय में मौजूदा शैक्षणिक सत्र के दौरान कम से कम एक तिथि भोजन कार्यक्रम आयोजित करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयोजन के साथ उसका रिकॉर्ड रखना और निर्धारित समय पर रिपोर्ट भेजना भी जरूरी होगा।

हर सरकारी स्कूल में कम से कम एक आयोजन जरूरी
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों को पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में योजना लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में नियमित मध्याह्न भोजन के साथ फल, हलवा और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाकर भी तिथि भोजन कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भोजन के अतिरिक्त पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना और समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। निदेशालय ने निर्देशों में तय लक्ष्य को अनिवार्य बताते हुए लापरवाही से बचने को कहा है।

केंद्रीय समीक्षा में सामने आया कमजोर प्रदर्शन
विभागीय पत्र के अनुसार, 17 अक्तूबर 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की मासिक वीडियो कॉन्फ्रेंस में तिथि भोजन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई थी। इससे पहले 16 मई 2026 को कार्यक्रम अनुमोदन बोर्ड की बैठक में भी हिमाचल प्रदेश के प्रदर्शन पर चर्चा हुई थी। ,इन समीक्षाओं के दौरान प्रदेश में कार्यक्रम के सीमित क्रियान्वयन पर चिंता जताई गई। उपलब्ध जानकारी में राज्य का प्रदर्शन लगभग 8% बताया गया है। इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने जिलों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूलों में वास्तविक आयोजन भी सुनिश्चित किए जाएं।

आयोजन से रिपोर्टिंग तक रखी जाएगी निगरानी
शिक्षा निदेशालय ने जिला और खंड स्तर के अधिकारियों को योजना की प्रगति में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक आयोजन का विवरण निर्धारित तिथि भोजन रजिस्टर में दर्ज करना होगा। इसके साथ ही मासिक रिपोर्ट तय समय पर और सही आंकड़ों के साथ भेजना अनिवार्य किया गया है। इन निर्देशों से कार्यक्रम के क्रियान्वयन और उसकी रिपोर्टिंग को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है। विद्यालयों में कितने आयोजन हुए, उनका रिकॉर्ड दर्ज हुआ या नहीं और रिपोर्ट समय पर भेजी गई या नहीं, इन पहलुओं पर निगरानी रखी जाएगी।
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ऊना जिले के स्कूलों को भी निर्देश
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ऊना सोमलाल धीमान के अनुसार, जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च, माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों और विद्यालय प्रभारियों को कार्यक्रम की प्रगति सुधारने तथा आंकड़ों की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। अब विभाग का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि तिथि भोजन कार्यक्रम सभी पात्र विद्यालयों तक पहुंचे और प्रत्येक आयोजन का विवरण विभागीय रिकॉर्ड में सही ढंग से दर्ज हो।
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