अपने इसी संकल्प को लक्ष्य बनाकर उन्होंने मैदान में खूब पसीना बहाया। ऊंची कूद में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ उन्होंने पहली बार लंबी कूद में भी हाथ आजमाया और इस स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीतकर सभी को चौंका दिया। पहली ही बार लंबी कूद में उतरकर गोल्ड जीतना उनकी मेहनत और आत्मविश्वास का प्रमाण बना। निषाद ने कहा कि ऊंची कूद में उनकी पहले से अच्छी तैयारी थी, लेकिन लंबी कूद के लिए उन्हें अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी। दृढ़ संकल्प और लगातार अभ्यास के बूते वह इस स्पर्धा में भी बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे।