तापमान बढ़ने पर डिहाइड्रेशन से चक्कर आने और नकसीर फूटने के मामले भी आ रहे सामने
स्वास्थ्य विभाग की एडवायजरी जारी- तेज धूप में घरों से बाहर न निकलें
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ना शुरू हो गया है। क्षेत्रीय अस्पताल में 50 से 70 मरीज हीट स्ट्रोक, चक्कर आने, नकसीर फूटने व डिहाइड्रेशन से संबंधित आ रहे हैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग लोगों से तेज धूप में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दे रहा है।
जिले में लू के प्रकोप के चलते लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। छोटे बच्चों से लेकर हर उम्र वर्ग के लोग डिहाइड्रेशन और लू की चपेट में आ रहे हैं। इन मरीजों को चिकित्सक उपचार दे रहे हैं। खास बात यह है कि अभी सामान्य मरीज आ रहे हैं। इस कारण अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। इसके चलते अस्पताल में ओपीडी के बाहर काफी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। आलम यह है कि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण बैठने के लिए लगाए गए बेंच भी कम पड़ना शुरू हो गए हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल में जहां औसतन ओपीडी 400 से 500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों ओपीडी 700 के पार पहुंच रही है। चिकित्सकों ने मामले आने के बाद अलर्ट भी जारी कर दिया है। साथ ही लोगों को धूप में बाहर न निकलने की सलाह भी दी जा रही है। डिहाइड्रेशन की वजह से लोग सिर-हाथ-पैर में दर्द और चक्कर की शिकायत चिकित्सकों से कर रहे हैं।
यह हैं डिहाइड्रेशन के लक्षण
डिहाइड्रेशन के लक्षणों में उल्टी-दस्त होना, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, पेट दर्द और मुंह सूखना जैसी दिक्कतें मरीजों को होती हैं। इससे बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन, समय-समय पर ओआरएस का प्रयोग होना, साफ-सफाई रखना, बाहर का खाना खाने से परहेज। पेय पदार्थों का अधिक सेवन और धूप में घर से बाहर निकलते समय सिर को ढककर निकलने की अपील की जा रही है।
कोट्स
जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन की दिक्कत के साथ मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसे में लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वह तेज धूप में घरों से बाहर न निकलें व स्वास्थ्य संबंधित कोई दिक्कत होने पर अस्पताल में आकर जांच जरूर करवाएं।
डॉ. संजीव मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना