फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: बंगाणा बन रहा बकरी पालन का हब, 3.5 करोड़ से 13 बड़े फार्म स्थापित करने की तैयारी

Mon, 03 Jun 2024 05:22 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र के पशुपालकों में बकरी पालन को लेकर तेजी से बढ़ रहा रुझान
विज्ञापन

प्रदेश में सबसे अधिक बकरी पालन करने वाले क्षेत्र के तौर पर उभरा बंगाणा
13 पशुपालकों को मिला राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत लाभ

संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। बंगाणा उपमंडल बकरी पालन को लेकर एक बडे हब के तौर पर उभरा है। यहां के पशुपालक राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत बकरी पालन करने में काफी रुचि ले रहे हैं। क्षेत्र में बकरी पालन के लिए 13 बड़े फार्म स्थापित करने की तैयारी चल रही है। इन फार्मों को तैयार करने में कुल 3.5 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी, जिसका लाभ सीधे तौर पर पशुपालकों को मिलेगा।
जानकारी के अनुसार उपमंडल बंगाणा में कुल 13 बड़े फार्मों का निर्माण होना है। इनमें से एक फार्म का काम लगभग पूरा हो चुका है। यह फार्म ग्राम पंचायत छपरोह के बूसल गांव में बन रहा है, जिसमें 500 मादा और 25 नर बकरियों का पालन होगा। इसके अलावा 100 मादा और पांच नर बकरियों से जुड़े पांच बकरी पालन फार्म को मंजूरी मिली है। इसमें से दो का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। जिन क्षेत्रों में इन फार्मों का निर्माण कार्य होगा, उनमें भलौण, कठोह और धुंदला गांव का नाम शामिल है। इसी प्रकार 200 मादा और 10 नर के एक फार्म का बैंक लोन मंजूर हो चुका है। इसी प्रकार 100 मादा और पांच नर के छह फार्म तैयार करने से जुड़े दस्तावेज भी तैयार हो रहे हैं। जल्द उनका कार्य भी धरातल पर उतरेगा।
विज्ञापन

वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बंगाणा डॉक्टर सतेंद्र ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत 13वें बड़े बकरी फार्म के दस्तावेज तैयार हैं। इन फार्मों का तैयार होना हिमाचल के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड होगा। उन्होंने कहा कि बंगाणा क्षेत्र प्रदेशभर में बकरी दूध का एक बड़ा सप्लायर बनकर उभरेगा। यही नहीं पड़ोसी पंजाब को भी उत्तम किस्म की बकरियां सप्लाई होंगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना का लाभ पशुपालकों को मिलना शुरू हुआ। इसके बाद बकरियों की 500+25 इकाई स्थापित करने के लिए लाभार्थी को परियोजना लागत का 50 फीसदी अनुदान अधिकतम 50 लाख तक मिलता है। उन्होंने इस बारे में अजय जसवाल निवासी कठोह उपमंडल बंगाणा से चर्चा की तो वह इस परियोजना का लाभ लेने के लिए तैयार हो गए। वर्तमान में प्रदेश का सबसे बड़ा बकरी फार्म 1.15 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा है।
इसी परियोजना के तहत वर्ष 2022 में भारत सरकार ने पशुपालकों को 100 मादा और पांच नर बकरियों और 500 मादा और 25 नर बकरी के पालन का भी विकल्प दिया है, जिससे अब बंगाणा क्षेत्र के लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
विज्ञापन


कोट्स
बकरी पालन को बढ़ावा देने और गरीब पशुपालकों की ग्रामीण आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डॉ. सतेंद्र वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बंगाणा ने लगातार छह वर्ष से कड़ी मेहनत की है। परिणामस्वरूप राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत सबसे ज्यादा बकरी फार्म उपमंडल बंगाणा में बनने जा रहे हैं, जो कि हिमाचल का रिकॉर्ड है।
डॉ. विनय शर्मा, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें