ऊना। जिले में टीबी रोग की रोकथाम एवं संभावित मरीजों की समय रहते पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रवासी लोगों की विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के तहत इस प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों की जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीमें प्रवासी लोगों के बीच जाकर टीबी के लक्षणों वाले लोगों की पहचान करेंगी। खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षण पाए जाने पर मौके पर ही संभावित मरीजों के एक्सरे किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर बलगम जांच सहित अन्य परीक्षण भी करवाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों में टीबी संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में स्क्रीनिंग अभियान के माध्यम से रोग की जल्द पहचान कर उपचार शुरू करवाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
वर्तमान में ऊना जिले में 583 टीबी संक्रमित मरीज हैं जिनका उपचार स्वास्थ्य विभाग की देख रेख में चल रहा है। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय से खांसी या टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।
जिले में टीबी मुक्त अभियान के तहत प्रवासी लोगों पर पर भी विभाग विशेष नजर रख रहा है। आगामी दिनों में प्रवासी लोगों की टीबी को लेकर जांच की जाएगी। इसे लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
-डॉ. विशाल ठाकुर, जिला क्षय रोग अधिकारी ऊना