क्षेत्रीय अस्पताल समेत उपमंडल स्तर के अस्पतालों में भी व्यवस्थाएं मुकम्मल
विभाग की लोगों को सलाह- घबराएं नहीं, सावधानी बरतें
बुखार, जुकाम और खांसी के मरीजों पर रखी जा रही विशेष नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस यानी एचएमपीवी को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की तरफ से सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के साथ आने वाले मरीजों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसे लेकर शिशु रोग विशेषज्ञों सहित अन्य चिकित्सकों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। सभी खंड स्वास्थ्य अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग की तरफ से अस्पतालों में मास्क, पीपीई किट, ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर और वेंटिलेटर सहित अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित रखने के निर्देश भी दिए हैं। इसे लेकर क्षेत्रीय अस्पताल समेत उपमंडल स्तर के अस्पतालों में भी सभी व्यवस्थाएं मुकम्मल कर ली गई हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो यह वायरस नया नहीं है। 2005 के बाद से इस वायरस से संबंधित देश में कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। इसके अलावा विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधी क्षमता रखने वाले लोगों को सावधानी बरतने का आग्रह किया है। उचित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस वायरस से लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। एहतियातन लोग भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से परहेज करें। इसके अलावा छोटे बच्चों, बुजुर्गों का घरों में खास तौर पर ख्याल रखें।
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यह हैं लक्षण व बचाव के तरीके
एचएमपीवी वायरस में लगातार खांसी, जुकाम, गले में खराश, आवाज बैठना, बुखार और सिरदर्द, थकान, सांस लेने में कठिनाई जैसी दिक्कतें मरीज को होती हैं। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने या उनके संपर्क में आने से फैलता है। दूषित सतहों को छूने के बाद चेहरे, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण फैल सकता है। इससे बचने के लिए अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें। हाथों को बार-बार धोएं। मास्क पहनें विशेष रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करेंं। सामाजिक दूरी बनाए रखें, बीमार लोगों से संपर्क कम करें। खांसते और छींकते समय सावधानी रखें। मुंह और नाक को रूमाल या कोहनी से ढकें। स्वस्थ आहार लें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। अगर किसी को वायरस से संबंधित लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
जिले में हैं छह शिशु रोग विशेषज्ञ
जिला ऊना की बात करें तो वर्तमान में छह शिशु रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। इनमें तीन विशेषज्ञ क्षेत्रीय अस्पताल ऊना, एक विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल अंब, एक विशेषज्ञ थानाकलां अस्पताल और एक नागरिक अस्पताल हरोली में सेवाएं दे रहे हैं।
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एचएमपीवी वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। लोगों से एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। लोगोंं को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सावधानी जरूर बरतें। -डाॅ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना