दामों में बेतहाशा वृद्धि से बढ़ीं दिक्कतें
बाहरी राज्यों से भी सब्जियों की आमद घटी
लहसुन 380 रुपये, हरा मटर 200 और शिमला मिर्च 120 रुपये किलो
संवाद न्यूज एजेंसी
संतोषगढ़ (ऊना)। प्याज और आलू के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद अब हरी सब्जियों ने रही-सही कसर पूरी कर दी है। हरी सब्जी आम लोगों की खाने की थाली से दूर हो गई है। त्योहारों और शादियों के सीजन की वजह से भी सब्जियों के दामों में इन दिनों काफी इजाफा हुआ है। सब्जियों के दामों उछाल आने की वजह सब्जी विक्रेता बाहरी राज्यों से हरी सब्जियों की कम आमद होना एवं स्थानीय स्तर पर हरी सब्जी का उत्पादन कम होना मान रहे हैं। बाजारों में सब्जी के दामों में एकदम उछाल आने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सब्जियों में हरा मटर 200 रुपये प्रति किलोग्राम, लहसुन 380 रुपये, हरा धनिया 150 रुपये, हरी मिर्च 140 रुपये, शिमला मिर्च 120 रुपये, फ्रांसबीन 120 रुपये, करेला 80 रुपये, अदरक 100 रुपये, प्याज 70 रुपये, टमाटर 60 रुपये, फूलगोभी व पत्ता गोभी 50 रुपये, भिंडी 60 रुपये, आलू 40 रुपये, मूली 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। मैदानी क्षेत्रों में खरीफ की फसल बड़े पैमाने पर उगाए जाने के कारण ही हरी सब्जियों की पैदावार इन दिनों कम होती है। इसके चलते दूसरे राज्यों से इन दिनों सब्जियों की मंडियों में आमद होती है। इस कारण सब्जी मार्केट के भावों में तेजी बनी रहती है।
स्थानीय सब्जी विक्रेता गुरमेल सिंह ने बताया कि पिछले दो सप्ताह की तुलना में मंडी के दामों में उछाल आने से उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहकों की संख्या में भी कमी आ गए है। क्षेत्र के किसान व सब्जी उत्पादक शाम लाल, कृष्ण कुमार, हरि राम, राम कृष्ण, देवराज, सरवन कुमार, पम्मी का कहना है कि इन दिनों क्षेत्र में मक्की की फसल खत्म होने के बाद हरी सब्जियों का उत्पादन पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है। इससे हरी सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं। दामों में आए उछाल के कारण उपभोक्ता सब्जियां खरीदने से कतरा रहे हैं।
कोट्स
मांग के अनुसार आमद नहीं होने पर फल, सब्जियों के दाम बढ़ते हैं। इन दिनों शादियां और त्योहार चल रहे हैं। ऐसे में हरी सब्जियां काफी मांग में रहती हैं। इसका सीधा असर दामों पर होता है। एक माह तक हरी सब्जियों की कीमत गिरने की पूरी संभावना है।
भूपेंद्र सिंह, सचिव, एपीएमसी ऊना।