ऊना। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में ऊना जिले से जुड़े तीन अहम फैसले लिए गए हैं। जिले के प्रसिद्ध पीरनिगाह मंदिर का प्रबंधन सरकार के अधीन लेने, पंजोआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोलने और घनारी तहसील के गोकुल नगर में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरित करने को मंजूरी दी गई है।
मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के पंजोआ में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही केंद्र के संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन और उन्हें भरने को भी स्वीकृति दी गई है। पीएचसी खुलने से पंजोआ और आसपास के क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सुविधा मिलेगी। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध होने से लोगों को सामान्य उपचार के लिए दूर के स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
वहीं, घनारी तहसील के गोकुल नगर में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है। मंत्रिमंडल ने विद्यालय के निर्माण के लिए भूमि शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के पक्ष में हस्तांतरित करने को मंजूरी दी है। केंद्रीय विद्यालय खुलने से क्षेत्र में स्कूली शिक्षा के लिए एक और विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।
मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के प्रसिद्ध पीरनिगाह मंदिर का प्रबंधन अपने अधीन लेने का निर्णय भी लिया है। पीरनिगाह मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर का प्रबंधन सरकार के अधीन आने से इससे जुड़ी व्यवस्थाओं के संचालन में बदलाव होगा। हालांकि, प्रबंधन हस्तांतरण की प्रक्रिया और इसके तहत लागू होने वाली व्यवस्थाओं का विस्तृत ब्योरा अभी सामने आना बाकी है।
ध्यान रहे कि पंचायत चुनाव से पहले तक पीरनिगाह मंदिर का संचालन स्थानीय बसोली पंचायत ही करती आई है। इस बार भी पंचायत चुनाव के चलते संचालन की शक्तियां जिला प्रशासन को सौंपी गई थी लेकिन नई पंचायत के वर्चस्व में आने के बाद भी मंदिर का संचालन पंचायत को नहीं सौंपा गया। संचालन की बागडोर दोबारा हासिल करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों से गांववासियों के साथ कई बार जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन भी किया, जिसके काफी सुर्खियां बटोरी। इसके बावजूद सरकार ने मंदिर की बागडोर अपने हाथ में रखने का निर्णय लिया।