ऊना। दूरदराज क्षेत्रों से राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में पढ़ाई कर रही छात्राओं को अब पीजी और किराये के कमरों में नहीं रहना पड़ेगा। महाविद्यालय को कन्या छात्रावास की सौगात मिली है। महाविद्यालय में 60 छात्राओं की क्षमता का छात्रावास बनाया जाएगा। पीएम उषा स्कीम के तहत पांच करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं और डीपीआर को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार की ओर से 50 लाख रुपये की पहली किस्त भी कॉलेज प्रबंधन को प्राप्त हो गई है। वर्तमान में कॉलेज में 3,700 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिनमें से 3,000 के करीब छात्राओं की संख्या है। बता दें कि कॉलेज में कन्या छात्रावास को लेकर वर्तमान प्राचार्य डॉक्टर मीता शर्मा की मेहनत और प्रयास आखिरकार रंग लाए हैं। जब उन्होंने पहली बार कन्या छात्रावास का प्रस्ताव भेजा था तो कुछ भी हाथ नहीं लगा। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एक कदम और बढ़ाया और जनवरी 2025 में फिर से डीपीआर बनाकर भेजी। जिसे केंद्र सरकार ने पीएम उषा स्कीम के तहत स्वीकृति प्रदान कर दी है।
बता दें कि पहले कन्या छात्रावास के लिए 100 बिस्तर की क्षमता का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसके तहत 10 करोड़ रुपये की लागत से कन्या छात्रावास का निर्माण किया जाना था। लेकिन दूसरे चरण में भेजी गई डीपीआर के तहत 60 बिस्तर के ही कन्या छात्रावास के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इसमें करीब तीन मंजिला भवन तैयार होगा तो वहीं वार्डन सहित अन्य तमाम सुविधाएं छात्राओं को अब महाविद्यालय परिसर में ही मिलेंगी। बता दें कि विशेष तौर पर एमबीए और एमसीए करने वाली छात्राएं दूरदराज के क्षेत्र से आती हैं और यहां पर महंगे पीजी और किराये के कमरों में रहने को विवश होना पड़ता है। अब छात्रावास की सौगात मिलने से छात्रों को काफी राहत मिलेगी।
राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना प्राचार्य डॉक्टर मीता शर्मा का कहना है कि पीएम उषा स्कीम के तहत ऊना महाविद्यालय को 60 बिस्तर की क्षमता का कन्या छात्रावास मंजूर हुआ है और 50 लाख रुपये की पहली किस्त भी प्राप्त हुई है। पांच करोड़ से कन्या छात्रावास का निर्माण होगा। सरकार की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं के लिए कारगर सिद्ध होगी।