धनेत, डीहर और तलमेहड़ा रूट पर हर तीसरे-चौथे दिन निगम की बस सेवा हो जाती है बंद
पिछले तीन दिन से बस बंद होने से जंगल के रास्ते पैदल स्कूल पहुंच रहे बच्चे
अभिभावकों ने कहा, नियमित रूट पर चलाई जाए बस सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। क्षेत्र के लोकल रूटों पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें धक्का स्टार्ट साबित हो रही हैं। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को उठाना पड़ रहा। जरूरी कार्यों के लिए प्रतिदिन जाने वाले लोगों और विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह छह बजे तुतड़ू, खडोल, बंगाणा, तलमेहडा, जोल, बड़ूही ऊना रूट पर चलने वाली बस पिछले दो सप्ताह से या तो रास्ते में खराब हो रही या फिर रूट रद्द कर दिया जा रहा। इस रूट पर चलने वाली बस पिछले तीन दिन से बंद होने पर स्कूलों सहित महाविद्यालय चौकीमन्यार, महाविद्यालय अंब, ऊना सहित अन्य शिक्षण संस्थानों में पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा। इस रूट पर सफर करने वाले विद्यार्थियों को बुहाणा-तलमेहड़ा से जोल आठ से दस किलोमीटर दूरी का सफर जंगल के रास्ते तय करना पड़ रहा। इस समस्या को लेकर अभिभावकों ने अपने अपने विचार साझा करते हुए प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग से समस्या का समाधान करवाने का आह्वान किया।
चंबोआ से तलमेहड़ा स्कूल की दूरी लगभग चार किलोमीटर है। बस रूट रद्द होने पर छोटे बच्चों को पैदल स्कूल पहुंचना पड़ रहा। हम लोग घर में हों तो बाइक पर स्कूल छोड़ने चले जाते हैं। अगर बाहर हों तो बच्चों को पैदल ही स्कूल आना-जाना पड़ता है। -चंबोआ के संजीव शर्मा
बाहर नौकरी करते हैं। बेटियों को पैदल चड़ोली से लगभग पांच किलोमीटर पैदल सफर कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। बस मिस होने पर बेटियों के स्कूल पहुंचने तक समस्या मन में बनी रहती है। सरकार को इस रूट को मिस नहीं करना चाहिए। -चड़ोली से विपिन शर्मा
मजदूरी कर अपना और परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बस रूट बंद होने पर बच्चों को छह किलोमीटर दूर स्कूल छोड़ने व लाने के लिए कई बार काम से भी छुट्टी करनी पड़ती है। आखिर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का मामला है। पैदल स्कूल पहुंचने पर शाम को बच्चे बहुत थक जाते हैं। -कोकरा से अशोक ठाकुर
तलमेहड़ा बाजार में मजदूरी करते हैं। सुबह-शाम बस सफर से ही आना-जाना होता है। बस रूट रद्द होने पर पैदल ही लगभग सात किलोमीटर सफर कर काम पर पहुंचना पड़ता है। गांव के बच्चे भी पैदल ही स्कूल पहुंचते हैं। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। -बुहाणा के राजेश कुमार
उधर, एचआरटीसी के डीडीएम सुरेश धीमान ने बताया कि यह समस्या उनके ध्यान में आई है। जल्द इसका स्थायी हल किया जाएगा, ताकि लोगों को इस प्रकार की परेशानी न हो।