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छात्राएं माता-पिता से खुलकर करें बात, उत्पीड़न सहन न करें : मीनाक्षी राणा

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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोह में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल
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आंतरिक सुरक्षा और शारीरिक बदलाव के बारे में भी लड़कियों को जागरूक किया
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सोशल मीडिया में ऑनलाइन गेम के चंगुल से बाहर निकलें युवा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। बाल कल्याण समिति की पूर्व अध्यक्ष और उपभोक्ता फॉर्म की सदस्य अधिवक्ता मीनाक्षी राणा ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने घर में अपने माता-पिता के साथ खुलकर बात करें। असली मित्र माता-पिता हैं और उसके बाद स्कूल में गुरु हैं। अगर किसी भी प्रकार की कोई लड़कियों के साथ उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं तो वे बिना डरे इसकी शिकायत स्कूल परिसर में प्रिंसिपल से करें और समाज में हो रही है तो परिजनों से करें। फिर भी समस्या का समाधान न हो तो 1098 पर भी शिकायत कर सकती हैं। अमर उजाला फाउंडेशन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलोह में शनिवार को अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अपराध को सहन करने के बजाय उसके खिलाफ आवाज बुलंद करें।
आंतरिक सुरक्षा और शारीरिक बदलाव के बारे में भी लड़कियों को जागरूक किया। कहा कि इस अवस्था में जो परिवर्तन देखने को मिलते हैं, इनसे घबराएं नहीं, परिजनों-गुरुजनों और चिकित्सकों से परामर्श कर भ्रम को दूर किया जा सकता है। वर्तमान का दौर सोशल मीडिया का है और जो कुछ भी सोशल मीडिया में परोसा जा रहा है, वह पूरी तरह से फेक है। उन्होंने लड़कियों को कानूनी अधिकार और उनके कर्तव्यों के बारे में भी जागरूक किया। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि जब भी किसी प्रकार की कोई खरीद फरोख्त की जाती है तो उसका बिल अवश्य लें और किसी भी प्रकार की अगर शिकायत करनी हो तो ई जागृति पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है। हर प्रकार की वस्तु के ऊपर अब बार कोड बना होता है। अगर उस पर दिखाई गई असल कीमत से अधिक कीमत वसूली जा रही है तो इसकी शिकायत जरूर करें। सोशल मीडिया में ऑनलाइन गेम के चंगुल से युवा बाहर निकलें और अपना ध्यान पढ़ाई पर फोकस करें। प्रिंसिपल विक्रम बहादुर ने अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यक्रम कि सराहना करते हुए लड़कियों से आह्वान किया कि वे कार्यक्रम में जो जानकारी मिली है, उसका अनुसरण अपने जीवन में करें। अपने समाज में भी अन्य लोगों को जागरूक करें।
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छात्रा राधिका का कहना है कि कार्यक्रम में महिला सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया। साइबर क्राइम के बारे में भी बताया गया। बच्चों को इससे दूरी बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
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12वीं की मेडिकल छात्रा राधा का कहना है कि कार्यक्रम में स्वयं की सुरक्षा के बारे में टिप्स दिए गए और प्रेरित किया गया कि अपराधी से घबराना नहीं है। इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
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छात्रा वंशिका का कहना है कि कार्यक्रम में पौष्टिक और संतुलित आहार लेने के बारे में जागरूक किया गया और बताया कि बिना भोजन किए घर से बाहर न निकलें और खाना अवश्य खाएं।
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छात्रा नव्य का कहना है कि कार्यक्रम में लड़कियों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। कहा कि समाज में लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

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छात्रा हर्शिता का कहना है कि कार्यक्रम में नाबालिग अवस्था में किसी भी तरह का वाहन ड्राइव न करने के बारे में जागरूक किया गया और कहा कि स्कूलों में मोबाइल फोन लाने पर पाबंदी लगा दी है।
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छात्रा कीर्ति का कहना है कि कार्यक्रम में फर्जी ऋण के संदेश और अनजाने लिंक पर क्लिक न करने के लिए बारे में जागरूक किया गया। प्रेरित किया गया कि किसी भी तरह के प्रलोभन में आकर अपनी निजी जानकारी अनजान लोगों से साझा न करें।
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