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प्राणायाम, योग और मेडिटेशन से पाएं तनाव से मुक्ति : डॉ. किरण

Tue, 12 May 2026 12:57 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दो ऊना में अपराजिता 100 मिलियन स्माइ
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ऊना। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दो ऊना में किया गया। इस मौके जिला आयुष अधिकारी डॉ. किरण शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पौष्टिक और संतुलित आहार का सेवन करें। जंक फूड और मोबाइल से दूरी बनाए रखें। वर्तमान दौर में बच्चों की दिनचर्या बिगड़ गई है। बच्चे चिड़चिड़े हो गए हैं। समझ खत्म होती जा रही है और तनाव ग्रस्त हो रहे हैं। इससे बचने के लिए प्राणायाम, योग और मेडिटेशन करें। विचार ही एक ऐसा बीज है जो कि आपकी मानसिकता को संतुलित करता है। अच्छी चीजों को ग्रहण करें और जो नकारात्मक चीजें हैं, उन्हें अपने भीतर प्रवेश न करने दें। 8 घंटे सोना बहुत जरूरी है। ब्रेन और आंखों को स्वस्थ रखने के लिए मोबाइल से दूरी बनाएं और दिन में 20 सेकंड के लिए दूरी पर देखना सुनिश्चित करें। इससे आंखों को बल मिलता है। वर्तमान में 40 से 45 आयु वाली महिलाओं और 14 से 15 आयु की लड़कियों का मूड ऑफ हो रहा है और यह बदलाव हार्मोन इनबैलेंस होने से हो रहा है। इसके लिए योग और मेडिटेशन 5 मिनट जरूर करें। जब भी समय लगे तो दिन में लंबी और गहरी सांस लें और पीरियड के दौरान अगर दर्द आ रही है तो मानसिक तनाव ग्रस्त न हों। अगर किसी भी प्रकार की कोई उत्पीड़न जैसी घटनाएं घटित हो रही है तो 112 नंबर पर तुरंत शिकायत करें। स्कूल प्रिंसिपल एसके शर्मा ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से जहां बच्चे आध्यात्मिकता के साथ जुड़कर स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण के बारे में जागरूक हुए। इससे बच्चों के समझ में बदलाव आना संभव है।
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छात्रा हेमा का कहना है कि कार्यक्रम में स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जागरूक किया गया। कुछ भ्रांतियां मन में थी। कार्यक्रम से जागरूकता का संदेश मिला।

सरिता का कहना है कि कार्यक्रम में मानसिक तनाव से मुक्ति प्राप्त करने के लिए योग और प्राणायाम करने के लिए प्रेरित किया गया।

सानवी का कहना है कि कार्यक्रम में महिला उत्पीड़न करने वालों की शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया ताकि अपराध बढ़ने से रोका जा सके।

नंदिनी का कहना है कि कार्यक्रम में कॅरिअर टिप्स दिए गए और बच्चों को एकाग्र होकर पढ़ाई पर ध्यान फोकस करने के लिए जागरूक किया गया।

जिया ठाकुर का कहना है कि कार्यक्रम में मोबाइल फोन का प्रयोग न करने और आठ घंटे नींद पूरी करने के लिए जागरूक किया गया ताकि तनाव मुक्त होकर पढ़ाई की जा सके।
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