ऊना। जिले के निजी क्लीनिकों में गर्भवती महिलाओं के लिए दो अल्ट्रासाउंट टेस्ट मुफ्त करवाने की सुविधा मिल नहीं पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने निजी क्लीनिकों के साथ करार के तहत ये सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना बनाई है, लेकिन योजना अब मार्च तक लटक गई है। ट्रायल के रूप में स्वास्थ्य विभाग ने इसकी शुरुआत भी की थी, लेकिन मूर्त रूप देने में विभाग नाकाम रहा है।
हालांकि, विभाग का दावा है कि जल्द ही योजना को लेकर टेंडर लगाया जाएगा ताकि निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र विभाग के मापदंडों के अनुसार पात्र महिलाओं के दो अल्ट्रासाउंड टेस्ट मुफ्त कर सके। असल में अभी तक कोई भी निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र विभाग की ओर से तय राशि पर सहमति नहीं दे पाया है। दूसरी ओर योजना के लिए साफ्टवेयर भी सलोह स्थित ट्रिपल आईटी में नहीं बन पाया है। कुल मिलाकर गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली दो निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा ढीली कार्यप्रणाली का शिकार है। इसके शुरू न होने से गर्भवती महिलाओं को निजी स्तर पर महंगे अल्ट्रासाउंड टेस्ट कराने पड़ रहे हैं। योजना के शुरू होने के बाद ही जिले के पांचों खंडों में गर्भवती महिलाएं नजदीकी निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में जाकर भी अपने दो अल्ट्रासाउंड टेस्ट मुफ्त करवा सकेंगी।
500 रुपये है अल्ट्रासाउंड के लिए दर
निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को दो निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा का खर्च जिला स्वास्थ्य विभाग उठाएगा। एक अल्ट्रासाउंड के लिए विभाग 500 रुपये का खर्च वहन करेगा। दो अल्ट्रासाउंड के लिए करीब करीब एक हजार रुपये अदा करने के अनुमानित बजट का खर्च मानकर स्वास्थ्य विभाग चल रहा है। अब इसी दर के अनुसार निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र के संचालकों को भी विभाग आगे आने को कह रहा है। फिलहाल तक इस मूल्य को लेकर कोई सहमति नहीं पाई है।
जल्द लगाया जाएगा टेंडर
गर्भवती महिलाओं को दो अल्ट्रासाउंड टेस्ट की मुफ्त सुविधा देने के लिए टेंडर जल्द लगाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। आशा है जल्द गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
-डॉ. मंजू बहल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना।