संत बाबा बाल ने श्रद्धालुओं को प्रवचनों से किया निहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। कुटलैहड़ क्षेत्र के होटल हवेली जोगीपंगा में वीरवार को श्रीमद्भागवत कथा को विश्राम दिया गया। संत बाबा बाल ने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। श्रद्धालुओं ने प्रवचनों से आत्मिक आनंद प्राप्त किया। वहीं कथाव्यास ने भक्तों को जीवन और धर्म के बारे में बताया।
कथा वाचक आचार्य शिव कुमार ने भी अपने वचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कहा कि जीवन में सत्य का पालन करना और हर प्राणी से प्रेम करना ही सबसे बड़ा धर्म है। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य का जीवन पवित्र होता है। कथा मनुष्य को भगवान के करीब ले जाती है। जो लोग इसे सुनते हैं, उनके जीवन में न केवल सुख-शांति आती है, बल्कि वे अपने कर्मों को भी धर्ममय बना पाते हैं।
कथा विराम से पूर्व स्व. रामनाथ शर्मा के पुत्र एवं कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने पत्नी मृदु शर्मा समेत पूजा अर्चना कर संत और विद्वानों का आशीर्वाद लिया। संत बाबा बाल का कथा में शिरकत करने पर उनका फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, गीता के उपदेशों और भागवत के सात दिन की महत्ता पर गहराई से प्रकाश डाला गया। उनके प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति और जीवन के नैतिक मूल्यों का महत्व समझाया। बाबा बाल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जीवन को दिशा देती है और हमें धर्म, सत्य और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।