ऊना। गोबिंद सागर झील में अब पर्यटक सिर्फ किनारे बैठकर नजारे नहीं देखेंगे बल्कि झील के बीचोंबीच तैरते रेस्टोरेंट में बैठकर खाने का लुत्फ उठा सकेंगे। अंदरौली में पर्यटन और वाटर स्पोर्ट्स को नया विस्तार देने की तैयारी के तहत फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और क्रूज चलाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
शनिवार को उपायुक्त ऊना जतिन लाल की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की टीम ने अंदरौली में गोबिंद सागर झील क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को लेकर विस्तार से चर्चा की। उपायुक्त ने मौके का निरीक्षण करने पहुंची टीम को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन झील के बीचोंबीच बनने वाले फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के साथ साथ झील में क्रूज संचालन की योजना भी प्रस्तावित है। क्रूज चलाने को लेकर टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई है। क्रूज में बैठकर पर्यटक झील की सैर का आंनद उठा सकेंगे। उपायुक्त ने एचपीटीडीसी से कहा कि अंदरौली में गोबिंद सागर झील का पर्यटन की दृष्टि से बेहतर उपयोग किया जाए। अंदरौली में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए केटीडीएस की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को पैरामोटरिंग के लिए उपयुक्त साइट चिह्नित करने के निर्देश दिए। इससे क्षेत्र में जल पर्यटन के साथ साहसिक पर्यटन गतिविधियों को भी विस्तार मिलने की संभावना है। निरीक्षण के दौरान एशियन विकास बैंक और टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों के साथ क्षेत्र में पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान डीएफओ विकल्प यादव, जिला पर्यटन अधिकारी रवि धीमान, तहसीलदार अमित कुमार, बीडीओ केएल वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
एथनोबोटैनिकल पार्क का भी लिया जायजा
उपायुक्त ने अंदरौली के एथनोबोटैनिकल पार्क का निरीक्षण कर इसकी स्थिति देखी। उन्होंने पार्क में मरम्मत और रखरखाव से जुड़े आवश्यक कार्य करवाने के लिए डीएफओ ऊना को निर्देश दिए। पार्क को बेहतर स्वरूप देकर इसे पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।