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Una News: बाल स्कूल भवन का पांच फीसदी बचा काम नहीं हो पाया मुकम्मल

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भवन का 95 फीसदी कार्य बीते डेढ़ साल से हो गया है पूरा, बाकी बचा कार्य अधर में
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स्कूल प्रबंधक दो सत्र में पुराने भवन में कक्षाएं लगाकर बच्चों को पढ़ा रहे
करीब सात साल पहले शुरू हुआ था भवन निर्माण, बजट की कमी में नहीं हुआ पूरा


संवाद न्यूज एजेंसी

ऊना। जिले की सबसे बड़े स्कूलों में शुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक बाल स्कूल ऊना को बीते कई साल ने अपने नए भवन के शत-प्रतिशत तैयार होने का इंतजार है। सरकारें बदली, लेकिन इस भवन को लेकर हालात जस के तस बने हुए हैं। करीब सात साल पहले शुरू हुआ भवन का निर्माण कार्य 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका। बाकी बचा पांच फीसदी निर्माण कार्य ऐसा अटका कि दो साल से पूरा ही नहीं हुआ। बजट के अभाव में ठेकेदार ने निर्माण कार्य रोका है। बाल स्कूल के मौजूदा भवन में कमरों की कमी बच्चों और अध्यापकों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। आलम यह है कि दो सत्र में कक्षाओं का संचालन हो रहा है। सुबह सात बजे स्कूल खुलता है और शाम पांच बजे तक करीब 10 घंटे पढ़ाई जारी रहती है। इसमें छठी से दसवीं तक पहले सत्र और ग्यारहवीं व बारहवीं कक्षा की दूसरे सत्र में कक्षाएं लग रही हैं। हैरत की बात यह है कि यह समस्या पिछले सात साल से बनी है। सैकड़ों विद्यार्थी इस अव्यवस्था के बीच पढ़ाई कर गए लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो पाया। बाल स्कूल ऊना में करीब 500 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन यहां कुल कमरे 11 हैं। अध्यापकों के लिए कमरे और कक्षाएं भी इन्हीं में संचालित हो रही। बच्चों की पढ़ाई बेहतर तरीके से चले, इसके लिए प्रबंधन ने एक कमरे के बीच अल्मारियां लगाकर उसमें दो कक्षाएं लगानी शुरू कर दीं। स्कूल में बच्चों की संख्या अच्छी है, इसलिए कई बार बच्चों को तंग होकर बैठना पड़ता है। डेस्क और बेंच जोड़कर चार-चार बच्चों का बैठना तो हर दिन की बात है।
बाल स्कूल ऊना का नया भवन करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा। यह निर्माण करीब सात साल से जारी है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ। बजट के अभाव में स्कूल की नई इमारत खराब हो रही है। उधर, स्कूल अध्यापक और विद्यार्थी इस इंतजार में हैं कि कब नए भवन का निर्माण पूरा हो।
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कोट्स
बाल स्कूल ऊना में करीब छह साल से दो सत्र में कक्षाएं संचालित हो रहीं हैं। नए भवन का निर्माण पूरा होने का बेसब्री से इंतजार है। इसे लेकर प्रशासन से लेकर राजनीतिक स्तर पर अपनी मांग कई बार रखी। वर्तमान भवन कई साल पुराना है, उसमें सुविधाजनक तरीके से पढ़ाई संभव नहीं। फिर भी अध्यापक व स्टाफ अपना शत-प्रतिशत योगदान दे रहे हैं। उम्मीद है कि नए भवन की सुविधा जल्द मिलना शुरू हो पाएगी।
सुरेंद्र कौंडल, प्रधानाचार्य, रावमापा बाल ऊना
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