बेटी बोलीं -तीन दिन बीते जाने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नंगल (ऊना)। मात्र एक हजार रुपये की किस्त के भुगतान के लिए एक निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की प्रताड़ना से तंग आकर दो बेटियों की मां ने नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। अब दोनों बेटियों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जबकि उनके पिता का साया पहले ही सिर से उठ चुका है। तीन दिन पहले हुई इस दर्दनाक घटना के बाद भी मृतका रचना का शव अब तक बरामद नहीं हुआ है। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली बड़ी बेटी कोमल ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले उसकी मां ने ऊना (हिमाचल) की एक निजी फाइनेंस कंपनी से 30 हजार रुपये का कर्ज लिया था। मां ने पूरी निष्ठा से किस्तें भरकर एक साल पहले यह कर्ज चुका दिया था। लेकिन, बीते कुछ समय से कंपनी के रिकवरी एजेंट बार-बार घर आकर धमकाने लगे कि कर्ज बाकी है और तुरंत भुगतान करो।
कोमल के अनुसार, उनकी मां ने एजेंटों को समझाया कि वह पूरा पैसा चुका चुकी हैं, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने मां से अपमानजनक व्यवहार किया और मोहलत देने से इनकार कर दिया। इससे मानसिक रूप से टूटकर उनकी मां ने नहर में कूदकर जान दे दी।
कोमल ने बताया कि घटना को 72 घंटे से अधिक बीत चुके हैं। पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उसने मांग की कि उसकी मां को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस संबंध में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सिमरनजीत सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।