कहा- भूजल स्तर गिर रहा, खेतों की सिंचाई करना मुश्किल, ट्यूबवेल पानी नहीं उठा रहे
कहा- समस्या का जल्द करें हल, नहीं तो करेंगे प्रदर्शन
गांववासियों ने 26 जून को उप मुख्यमंत्री से मिलने की बात भी कही
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हरोली विधानसभा क्षेत्र में खनन के खिलाफ किसान एकजुट हो गए हैं। स्वां नदी और बड़ी खड्डों के आसपास लगातार हो रहे खनन को लेकर आवाज बुलंद की है। पंडोगा गांव के करीब 50 किसानों ने मंगलवार देर शाम एकत्रित होकर स्वां नदी में अनियंत्रित तरीके से चल रहे खनन को बंद करने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि स्वां नदी में कई मीटर गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। जहां नदी की भौगोलिक स्थिति खराब हो रही, वहीं भूजल स्तर भी नीचे जा रहा है। किसानों ने एकजुट होकर गांव के पास स्वां नदी में हो रहे खनन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द इसपर कदम उठाए नहीं गए तो वे जिला मुख्यालय में जाकर प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने 26 जून को क्षेत्र के विधायक और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिलकर समस्या रखने की योजना बनाई है।
जानकारी के अनुसार जिला का पंडोगा गांव खेती के लिए मशहूर है। यहां के कई बड़े किसानों ने आलू की खेती में जिले को प्रदेशभर में अग्रणी बनाया लेकिन किसानों को कुछ समय से कृषि में सबसे बड़ी समस्या भूजल को लेकर आ रही। किसानों में अवतार सिंह, अजय ठाकुर, गुरमीत सिंह, सतीश सैनी, लक्की सैनी, बलराज सिंह, अशोक कुमार, मोनू सैनी, अश्वनी सैनी, उमेश ठाकुर, देसराज व अन्य ने बताया कि उनकी सैकड़ों कनाल जमीन पर सिंचाई करना मुश्किल हो चुका है। ट्यूबवेल कभी भी पानी छोड़ रहे हैं। कहा कि ट्यूबवेल से उन्होंने कई साल खेती की, कभी दिक्कत नहीं आई। बीते कुछ समय से भूजल का स्तर नीचे जा रहा है। इसका मुख्य कारण है कि स्वां नदी का भू स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इससे नदी के तटीकरण को भी खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने कहा कि तटीकरण के बाद से उनकी खेती बेहतर हुई और आर्थिकी स्थिति सुधरी। अगर खनन बंद नहीं हुआ को तटीकरण धंसने लगेगा। किसानों ने कहा कि पंडोगा में अंधाधुंध खनन हो रहा। कोई अधिकारी कार्रवाई करने नहीं आता। 26 जून को वे सभी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिलकर समस्या का समाधान करने की मांग करेंगे। किसानों ने एक आवाज में कहा कि उनकी सुनवाई नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
आलू के गढ़ हैं पंडोगा-खड्ड और पंजावर
हरोली के पंडोगा, खड्ड और पंजावर आलू की फसल के गढ़ कहे जाते हैं। यहां के किसानों ने अपने गांव के अलावा कई अन्य गांवों में भी ठेके पर जमीन लेकर बंजर जमीन को भी हरा भरा बनाया है। इससे जहां नए खेती क्षेत्र आबाद हुए तो वहीं किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुधरी।
जिला खनन अधिकारी नीरज कांत ने बताया कि पंडोगा में स्वां नदी के आसपास लीज आवंटित हैं। अगर वहां किसी प्रकार की अवैध गतिविधि चल रही है तो टीमें भेजकर निरीक्षण किया जाएगा। कोई भी अवैध गतिविधि मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।