विभाग की सलाह, किसान जल संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करें
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। पिछले दिनों हुई अच्छी बारिश के बाद अब किसान गेहूं की फसल पर खरपतवार नाशक दवाइयों के छिड़काव में जुट गए हैं। लंबे समय से सूखे की स्थिति झेल रहे इस क्षेत्र के किसान ज़मीन में नमी की कमी के कारण दवाओं का छिड़काव नहीं कर पा रहे थे। बारिश के बाद पर्याप्त नमी हो जाने पर ये लोग खेतों में घास को समाप्त करने वाली दवाओं के छिड़काव में जुट गए हैं। विभाग ने भी किसानों को जल संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करने की सलाह दी है। किसानों का मानना है कि इस बार की बारिश ने उनकी फसलों को नई जान तो दे दी है लेकिन अगर वे गेहूं के साथ पैदा होने वाले घास को नियंत्रित नहीं करेंगे, तो बारिश का कोई फ़ायदा नहीं होगा। इन दिनों इस क्षेत्र में गेहूं और सब्जियों की खेती मुख्य रूप से की जाती है। हाल के दिनों में हुई बारिश से न केवल जमीन की नमी बढ़ी है, बल्कि दवाओं के छिड़काव के लिए भी ज़मीन को अनुकूल बना दिया है। इस स्थिति ने कृषि गतिविधियों में तेजी लाई है और किसानों का मनोबल बढ़ाया है।
यह बारिश हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पिछले साल सूखे के कारण फसलें बर्बाद हो गई थीं, लेकिन इस बार हमें उम्मीद है कि उत्पादन बेहतर होगा। इस समय हम घास से फसल को बचाने के लिए दवा का छिड़काव कर रहे हैं। दीपक पाराशर
क्षेत्र में इस बारिश से किसानों की मेहनत रंग लाने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों ने भी इस बारिश को किसानों के लिए फायदेमंद बताया है और सुझाव दिया है कि किसान जल संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करें। कृषि विशेषज्ञ रिषभ पाराशर ने बताया कि फैलेरिस माइनर, डाउन ब्रूम, वाइल्ड ओट्स और स्पाइनेक नामक घास गेहूं के पौधे के लिए जमीन के अंदर से पोषक तत्वों का उपयोग कर लेते हैं और उपज को प्रभावित करते हैं। उन्होंने बताया कि समय समय पर किसानों को विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार पायरोक्सासल्फोन, क्लोडिनोफॉप प्रोपार्जाइल,मेसुलफ्यूरॉन और पिनोक्साडेन नामक दवाइयां स्प्रे करनी चाहिए। स्प्रे के समय खेत में पर्याप्त नमी होनी चाहिए।
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हमने बारिश से करीब 15 दिन पहले गेहूं की फसल को बीजा था। लेकिन, बारिश और पानी की कमी से पूरी तरह से उगी नहीं थी। बारिश ने हमारी चिंता दूर कर दी है, अब हमें फ़सल को अत्यधिक घास से बचाना होगा। फिर जाकर फसल बढ़िया होगी। ..जीवन लता
सब्जियों के लिए नियमित और कुदरती पानी की जरूरत होती है। बारिश ने हमारी मेहनत को सफल बना दिया है, लेकिन हमें पौधों की सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा। मुझे लगता है कि इस बार बाजार में अच्छी कीमत मिलेगी। -मुकेश मिश्रा
हमारे यहां मुख्य फ़सल गेहूं है। पिछले दिनों हुई बारिश गेंहू के लिए तो वरदान है ही, साथ ही बागवानी को भी काफी फायदा हुआ है। पेड़ों में फल लगने की संभावना बढ़ गई है। हम इस बार ज्यादा उत्पादन की उम्मीद कर रहे हैं। -वीरेंद्र मोहन