किसानों और पशुपालकों को सताने लगा चारे का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। बंगाणा उपमंडल में किसानों और पशुपालकों को कृषि विक्रय केंद्रों पर जौ और बरसीम के बीज न मिलने से भटकना पड़ रहा है। किसान विक्रय केंद्रों पर पहुंच रहे हैं लेकिन निराश होकर लौटना पड़ रहा है। जौ और बरसीम दोनों ही रबी की प्रमुख चारा फसलें हैं, जो ठंडे मौसम में उगाई जाती हैं। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग ने अभी तक बीजों की आपूर्ति नहीं की है। इससे उन्हें महंगे दामों पर बाजार से बीज खरीदने पड़ रहे हैं। इससे खेती की लागत बढ़ रही है। आगामी रबी फसल की बुआई प्रभावित हो रही है। किसान बलराज शर्मा, पुष्पा देवी, अनिल कुमार, सुषमा देवी, अनुराधा, चमन लाल, नरेश कुमार और नानक चंद ने बताया कि विभाग की लापरवाही के कारण समय पर बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। इससे आने वाले समय में पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या से परेशान होना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस समय जमीन में नमी सही है लेकिन बीज न मिलने से फसल की बिजाई प्रभवित हो रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों को राहत देना है, लेकिन यहां किसानों को खुले बाजार से महंगे दामों पर बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। समय पर बीज न मिलने से खेतों की तैयारी अधूरी रह गई है। किसानों ने विभाग और सरकार दोनों से मांग की है कि शीघ्र बीज उपलब्ध करवाए जाएं ताकि फसल सीजन पर कोई असर न पड़े।
कोट्स
बीजों की आपूर्ति को लेकर ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। जौ के बीजों की खेप 10 से 15 दिन के भीतर किसानों तक पहुंचा दी जाएगी। गेहूं बीज की आपूर्ति 25 अक्तूबर तक कर दी जाएगी। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। -कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, कृषि विभाग ऊना