बड़ूही (ऊना)। किसानों ने प्रदेश सरकार पर गेहूं खरीद का भुगतान समय पर न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय पर फसल का भुगतान न होने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा और अगली फसल की तैयारी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जल्द ही उनका लंबित भुगतान किया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र किसानों के खातों में बकाया राशि नहीं पहुंची, तो राष्ट्रीय स्वतंत्र किसान मोर्चा प्रदेशभर में किसानों के साथ मिलकर आंदोलन शुरू करेगा।
राष्ट्रीय स्वतंत्र किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने मई माह में किसानों से गेहूं की खरीद की थी लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद किसानों को उनकी फसल का भुगतान नहीं हुआ है।
प्रदेश के किसानों के करोड़ों रुपये सरकार के पास लंबित हैं, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान की आय का मुख्य स्रोत उसकी फसल होती है। एक फसल से प्राप्त राशि से ही किसान अगली फसल के लिए बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदता है।
इसी आय से परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, बिजली-पानी के बिल, दवाइयों का खर्च और अन्य आवश्यक जरूरतें भी पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान में लगातार देरी होने से किसानों को बैंकों और साहूकारों से कर्ज लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा।
किसान संदीप ठाकुर, रवि पठानिया, सतपाल पठानिया, अंकित कुमार, पंकज कुमार और विपिन कुमार ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है। हकीकत यह है कि किसान अपनी मेहनत की कमाई के लिए महीनों तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कई किसानों के सामने खेती जारी रखना भी चुनौती बन गया है।