ऊना। अगले दो दिनों में जिला ऊना से 100 किसान दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ कृषि कानून का विरोध करने के लिए जा रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रीय किसान संगठन जिला ऊना ने पूरी तरह से तैयारी कर ली है।
जिला ऊना में आलू की फसल की पटाई के चलते किसान व्यस्त थे लेकिन अब किसान फसल की पटाई से फ्री हो गए हैं। जिला ऊना के किसानों ने मांगों को लेकर दिल्ली की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। कोरोना संकटकाल में किसानों ने लाखों रुपये खर्च आलू की फसल की बिजाई की थी। जिसके चलते किसान फसल को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरतना चाहते थे लेकिन अब किसान पैदावार बेचकर कर्ज आदि से मुक्त हो गए हैं और प्रदर्शन के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रीय किसान संगठन के महामंत्री देसराज मोदगिल ने कहा कि जिला ऊना से 2 दिसंबर बुधवार को 100 किसानों का समूह दिल्ली में प्रदर्शन में हिस्सा लेने को जा रहा है। आलू की फसल की पटाई में व्यस्त होने से अभी तक किसान प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेने जा पा रहे थे। इसके लिए किसान अपनी गाड़ियों व संगठन द्वारा हायर की गाड़ियों में यात्रा करेंगे। इसके लिए संगठन ने रणनीति बना ली है। उन्होंने कहा कि किसान जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसका वह समर्थन करते हैं। अन्य किसान भाइयों के साथ संगठन से जुड़े किसान पूरी तरह साथ हैं। बता दें कि ऊना जिला कृषि प्रधान जिला है। प्रदेश में सबसे अधिक कृषि कारोबार जिला ऊना में होता है।