शिक्षा सत्र को शुरू हुए करीब तीन माह पूरे होने को
हैं लेकिन स्कूलों में अभी तक किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।
विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बिना किताबों के बच्चे क्या
पढ़ेंगे।
विभाग स्कूलों में किताबें जल्द पहुंचाने का दावा करता है लेकिन
इतने दिनों बाद भी किताबें नहीं मिल पाई हैं। इससे विभाग की कार्यप्रणाली
पर सवाल उठ रहे हैं। बिना किताबों के शिक्षा की गुणवत्ता में कैसे सुधार हो
सकता है, यह सोचनीय है।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला लडोली में चौथी और
पांचवीं कक्षा के छात्रों के अभिभावकों ने बच्चों को हिंदी एवं अंग्रेजी
विषय की पुस्तकें न मिलने को लेकर कड़ा रोष जताया। स्कूल में हाउस टेस्ट 17
से शुरू हो रहे हैं। बिना किताब और बिना पढ़े छात्र परीक्षा कैसे देंगे।
अध्यापक भी पेपर तैयार करने के लिए किताब का इंतजार कर रहे हैं। अभिभावकों
विजय कुमार, हरदेव सिंह, लीला देवी, सीता देवी, गुरदेई, हरबंस लाल, राम
पाल, धनी राम और संगीता देवी ने विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि
किताबें जल्द पहुंचाई जाएं। कार्यवाहक केंद्र मुख्य शिक्षक यशपाल सोनी ने
बताया कि सभी कक्षाओं की किताबों की डिमांड शिक्षा विभाग को समय पर भेज दी
थी। चौथी की हिंदी एवं पांचवीं की अंग्रेजी विषय की किताब नहीं मिली है।
जल्द
ही किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी। विभागीय अधिकारियों से बात की जा रही है।
प्रयास है कि जल्द ही किताबें बच्चों को बांट दी जाएं।
-इकबाल रफी, शिक्षा खंड अधिकारी अंब