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कृषि क्षेत्र में सुधार के नाम पर लाए काले कानून किए जाएं रद्द

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ऊना में हिमाचल किसान सभा के सदस्य रोष प्रदर्शन करते हुए - फोटो : Una
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ऊना। अखिल भारतीय किसान आंदोलन के समर्थन में सीटू व किसान सभा ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कॉमरेड गुरनाम सिंह और कॉमरेड केके राणा ने किया।
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प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कृषि क्षेत्र में लाए गए जनविरोधी कानून को रद्द करने की मांग की गई। गुरनाम सिंह व केके राणा ने कहा कि महामारी के संकट में केंद्र सरकार ने तानाशाहीपूर्वक व संसदीय बहुमत का नाजायज फायदा उठा कर पूंजीपति और उद्योगपतियों व बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दबाव में आकर नए कानून लागू कर आम जनता को दबाने की कोशिश की है। कृषि क्षेत्र को बरबाद कर आम जनता का जीवन मुश्किल में डालने की कोशिश की गई है। कृषि क्षेत्र में सुधार के नाम पर बड़े पूंजीपति व बहुराष्ट्रीय कंपनियों को सौंप देने की तैयारी कर ली है। 26 व 27 दिसंबर को देश के किसान दिल्ली में प्रदर्शन कर अपनी बात को रखना चाहते थे, लेकिन बड़े पैमाने पर अवरोध पैदा कर किसानों पर अत्याचार किया गया। भाजपा की हरियाणा सरकार ने बड़े पैमाने पर पुलिस और सेना का उपयोग कर किसान आंदोलन को कुचलने का हर संभव प्रयास किया। सीटू व किसान सभा ने मांग की है कि कृषि क्षेत्र में सुधार के नाम पर लाए गए काले कानूनों को रद्द किया जाए। जिला कमेटी ऊना की जनता के बीच जाकर इस आंदोलन में हर प्रकार की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आने वाले समय में लगातार प्रयास करेगी। इस दौरान कॉमरेड सुरेंद्र शर्मा, कॉमरेड शिव कुमार द्विवेदी, कॉमरेड ओपी सिद्धू, रणजीत सिंह, सतीश चौधरी, अंकुश, जगवीर सिंह, अमरजीत, मनीष, बलजीत सिंह, रजत व अन्य मौजूद रहे।
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