नारी (ऊना)। भारत सरकार के एग्री स्टैक कार्यक्रम के तहत ऊना जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य किया जा रहा है। निजी कंपनी की ओर से करवाए जा रहे इस सर्वे में युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति सर्वेयर बनकर इस कार्य से जुड़ सकता है। कंपनी की ओर से सर्वे कार्य करने वाले व्यक्ति के स्मार्टफोन में एप अपलोड कर उसे प्रशिक्षण दिया जाता है। एप में संबंधित जमीन का पूरा विवरण उपलब्ध रहता है।
सर्वेयर को काम के आधार पर मेहनताना दिया जाता है। अब तक जिले में करीब 800 सर्वेयर भर्ती किए जा चुके हैं। जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे का मौजूदा चरण 30 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद फसल कटने के पश्चात नई फसल की बिजाई के बाद सर्वे दोबारा शुरू किया जाएगा। हरोली और ऊना विधानसभा क्षेत्रों में कार्य जोरों पर चल रहा है।
जिले ऊना में अब तक करीब एक लाख 70 हजार खसरा नंबरों का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा चुका है, जबकि करीब छह लाख 50 हजार खसरा नंबरों का रिकॉर्ड अभी ऑनलाइन किया जाना बाकी है।
अधिक खसरा नंबर, अधिक भुगतान
जिन गांवों में अभी सर्वे का कार्य शुरू नहीं हुआ है, वहां का कोई भी व्यक्ति, जिसे एंड्रायड फोन चलाना आता हो, जिला समन्वयक से संपर्क कर प्रशिक्षण ले सकता है और सर्वेयर बन सकता है। सर्वेयर को किए गए काम के आधार पर भुगतान किया जाएगा। वह जितने अधिक खसरा नंबर ऑनलाइन करेगा, उतनी ही अधिक राशि प्राप्त कर सकेगा। सर्वेयर को हर 15 दिन बाद भुगतान किया जाएगा।
जिन गांवों में अभी सर्वे शुरू नहीं हुआ है, वहां के इच्छुक व्यक्ति उनसे संपर्क कर पूरी जानकारी ले सकते हैं। यह भारत सरकार की डिजिटल योजना है, जिसके तहत भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल किया जा रहा है। इससे भविष्य में लोगों को खसरा नंबर तलाशने के लिए परेशानी नहीं होगी और भूमि संबंधी जानकारी मोबाइल फोन पर ही उपलब्ध हो सकेगी। जब तक जिले की पूरी भूमि का रिकॉर्ड डिजिटल नहीं हो जाता, तब तक यह योजना जारी रहेगी। पंकज कुमार, को-ऑर्डिनेटर, ऊना