मैहतपुर बॉर्डर पर तैनात जांच नाके के अंदर जमा पानी।
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मैहतपुर (ऊना)। हिमाचल-पंजाब सीमा पर लगाए जांच के नाकों पर तैनात शिक्षकों, पटवारियों तथा पुलिस मुलाजिमों के लिए सुविधाओं का अभाव है। श्रावण के नवरात्रों के बाद डेरा बाबा बड़भाग सिंह तथा पीरनिगाह में मत्था टेकने आने वाले श्रद्धालुओं और दूसरे राज्यों से आ रहे यात्रियों की कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों में जांच कर रहे हैं।
सोमवार को बारिश से कर्मचारियों के तंबू पानी-पानी हो गए। इससे कर्मचारियों को तंबुओं के अंदर बैठने में भी काफी दिक्कत हुई। सरकार के आदेशों को अमलीजामा पहनाने के लिए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने किसी प्रकार का कोई शिकवा अथवा शिकायत करना भी मुनासिब नहीं समझा। सोमवार को बारिश से तंबुओं में पानी भर रहे पानी को कर्मचारी लाठी के सहारे बाहर निकालते रहे। सोमवार को हालांकि पंजाब तथा दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं में कमी रही लेकिन हिमाचल के अन्य हिस्सों में प्रवेश करने वाले वाहनों की तादाद काफी रही।
रक्षाबंधन की झंडा रस्म में शामिल होने के बाद श्रद्धालु वापस जाते देखे गए। रक्षाबंधन के कारण हिमाचल में काफी तादाद में लोग ऊना स्थित डेरा बाबा बड़भाग में माथा टेकने आए थे। इनमें से काफी संख्या में पंजाब से आए श्रद्धालु वाहनों से लौटते देखे गए। नायब तहसीलदार राजन शर्मा ने भी मोर्चा संभाल कर पंजाब और दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों की कोविड रिपोर्ट तथा वैक्सीनेशन की डबल डोज की बाबत जानकारी हासिल की। जांच के लिए लगाए तंबुओं में तैनात कर्मचारियों की सुविधा का हालांकि काफी अभाव दिखा।
इन कर्मचारियों के लिए शौचालय आदि की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मैहतपुर बॉर्डर पर तैनात कर्मचारियों के मुताबिक बिना कॉविड रिपोर्ट तथा डबल डोज वैक्सीनेशन के आए कई श्रद्धालुओं को वापस भी भेजा गया है। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग अब डबल डोज वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र साथ लेकर आ रहे हैं, उन्हें हिमाचल में एंट्री दी जा रही है। एसडीएम डॉ. निधि पटेल ने कहा कि हिमाचल सरकार की अधिसूचना के अनुसार जिला के प्रवेश नाकों पर मुस्तैद पुलिस कर्मियों तथा शिक्षकों ने पूरी संजीदगी के साथ कार्य को अंजाम दे रहे हैं। आबकारी विभाग के शौचालय को कर्मचारी इस्तेमाल कर रहे हैं।