गोंदपुर बनेहड़ा (ऊना)। सरकार आम जनमानस को बेहतर और सुलभ सेवाएं मुहैया करवाने के दावे करती नहीं थकती है। वहीं कार्यालयों में बैठे अधिकारी किस तरह आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के लिए विवश करते हैं, इसका उदाहरण मुबारिकपुर स्थित विद्युत बोर्ड उपमंडल कार्यालय में साफ दिखाई देता है।
यहां कार्यालय में मौजूद एक अधिकारी ने उपभोक्ता का कार्य करने से साफ इनकार कर दिया। उक्त कार्यालय में तैनात सहायक अभियंता द्वारा एक उपभोक्ता को यह कहकर बिना काम करवाए लौटने को मजबूर कर दिया कि जिस बाबू ने यह काम करना है, उनकी प्रमोशन हो गई है।
हालांकि कार्यालय में चार के करीब कर्मचारी अपनी सीटों पर उपस्थित दिखे लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ता को दो टूक शब्दों में कहा गया कि कैश सीट का काम अभी नहीं हो सकता।
काम को टालकर उपभोक्ता को दो दिन बाद फिर दफ्तर आने की सलाह दी। हैरानी की बात है कि आए दिन इसी कार्यालय की ओर से उपभोक्ताओं से लंबित राशि जमा करवाने की अपील की जाती रही लेकिन कोई उपभोक्ता जब विद्युत संबंधी कार्य की फीस जमा कराने कार्यालय पहुंचता है तो उससे कैश काउंटर बंद होने की बात कही जाती है। इससे साफ जाहिर होता है कि विद्युत बोर्ड में ऑनलाइन राशि जमा करने का कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
विद्युत उपमंडल गगरेट के अधिशासी अभियंता लखविंद्र सिंह ने बताया कि शुल्क को लेकर मुबारिकपुर कार्यालय में जमा न होने की समस्या बताई गई थी तो उपभोक्ता का कहना था कि शुल्क तो जमा होना चाहिए।
उपभोक्ता जगमोहन का कहना है कि अगर बिजली बिल का भुगतान न हुआ हो तो बोर्ड द्वारा उपभोक्ताओं को फोने कर के बिल जमा करवाने के लिए कहा जाता है। मीटर काटने की बात भी कही जाती है।
उपभोक्ता सूर्यांश का कहना है कि बिजली शुल्क जमा करवाने के लिए जब दफ्तर जाते हैं तो अधिकारी न होने के कारण परेशानी होती है। बिजली दफ्तर में शुल्क केवल अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण जमा न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।