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Una News: दो वर्षों से फाइलों में ही चल रही इलेक्ट्रिक बस

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अमर उजाला पड़ताल
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ग्रीन हिमाचल–क्लीन हिमाचल के दावे धरातल पर फेल
ऊना में निजी इलेक्ट्रिक बस योजना फाइलों में दबी, प्रक्रिया ठप
जिले में पहली बार निजी क्षेत्र में चलनी थी इलेक्ट्रिक बसें
चिंतपूर्णी और बद्दी के लिए शुरू होनी थी सुविधा
योजना पर सरकार नहीं दिखा रही गंभीरता
आशुतोष डोगरा
ऊना। सरकार की ओर से ग्रीन हिमाचल और क्लीन हिमाचल अभियान के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है। वर्ष 2023 में ऊना जिले में निजी स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना कागज़ों में ही सिमट कर रह गई है। सरकार ने उस समय निजी ऑपरेटरों से ऑनलाइन माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए थे। जिले में करीब दस लोगों ने आवेदन भी किए, लेकिन इसके बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। इतना लंबा समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह जिले में ही ऐसी स्थिति है तो बाकी जिलों में हालात का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। जिले में निजी स्तर पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की महत्वाकांक्षी योजना ने फाइलों में दम तोड़ दिया है। परिवहन विभाग ने ऊना से चिंतपूर्णी और ऊना से बद्दी रूटों पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 32 सीटर निजी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना बनाई थी। भविष्य में मांग बढ़ने पर बसों की संख्या बढ़ाने का भी खाका तैयार किया गया था। योजना का उद्देश्य अन्य निजी बस ऑपरेटरों को भी इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए प्रोत्साहित करना था। मगर यह सारी कवायद अब तक सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित है।
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आरटीओ ऊना अशोक कुमार ने कहा कि जिले में पहली बार निजी बस ऑपरेटरों से इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद अभी तक विभाग की तरफ से कोई आगामी प्रक्रिया को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है।
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