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Una News: बजट खर्च में गड़बड़ी पर शिक्षा विभाग सख्त, डीडीओ को सख्त निर्देश जारी

Wed, 22 Jul 2026 12:45 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। स्कूल शिक्षा विभाग ने बजट खर्च में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सभी उपनिदेशकों के माध्यम से आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिस मद के तहत बजट आवंटित किया गया है, उसका उपयोग वोटेड मद के खर्च के लिए नहीं किया जा सकता। इस प्रकार का व्यय सरकारी वित्तीय नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
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जानकारी के अनुसार शिक्षा निदेशक की ओर से कहा गया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ डीडीओ चार्ज्ड हेड के तहत मिले बजट से वोटेड मदों के बिल तैयार कर रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह नियमों के विपरीत है। वित्त विभाग ने 17 मई 2025 को भी इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे कि चार्ज्ड बजट का उपयोग केवल न्यायालय के आदेशों अथवा संविधान के अनुच्छेद 202(3) के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही किया जा सकता है। पत्र में सभी डीडीओ को बिल तैयार करने से पहले यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित भुगतान चार्ज्ड हेड के अंतर्गत आता है या वोटेड हेड के तहत। यदि किसी अधिकारी ने चार्ज्ड बजट का उपयोग वोटेड मदों के खर्च के लिए किया है तो उसकी जानकारी निदेशालय को भेजने और संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।

चार्ज्ड हेड और वोटेड हेड में अंतर
सार्वजनिक वित्त और विद्यालय शिक्षा प्रशासन में चार्ज्ड हेड या चार्ज्ड व्यय से तात्पर्य ऐसे वैधानिक एवं अनिवार्य भुगतानों से है, जिनका भुगतान समेकित निधि से विधानमंडल में मतदान के बिना किया जाता है। शिक्षा विभागों में इसका उपयोग सामान्यतः न्यायालय के आदेशों के तहत देय वेतन एरियर, मुआवजा राशि अथवा अन्य विधिक दायित्वों के भुगतान के लिए किया जाता है। यह वोटेड हेड से पूरी तरह भिन्न है। वोटेड हेड के अंतर्गत नियमित वेतन, रखरखाव, कार्यालय व्यय, सामग्री की खरीद आदि सामान्य और बजट में स्वीकृत खर्च शामिल होते हैं, जिनके लिए प्रत्येक वर्ष विधानमंडल से बजट अनुमोदन आवश्यक होता है। इसलिए डीडीओ को स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं कि चार्ज्ड हेड के अंतर्गत उपलब्ध बजट का उपयोग केवल उसके निर्धारित वैधानिक उद्देश्यों, विशेषकर न्यायालय के आदेशों से संबंधित भुगतानों के लिए ही किया जाए।
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जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सोमलाल धीमान ने भी जिले के सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक, उच्च एवं प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों तथा खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर शिक्षा निदेशालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
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