पर्यावरण में तेजी से आ रहे बदलावों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पर्यावरण मंत्रालय की ओर से लगातार गतिविधियां करवाई जा रही है। इसी कड़ी में अब स्कूलों में बने ईको क्लबों के मध्य एक प्रतियोगिता करवाई जा रही है। इस प्रतियोगिता में पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम का प्रतीक चिह्न (लोगो) तैयार किया जाएगा, जिसमें विजेता क्लब की ओर से तैयार प्रतीक चिह्न को अधिकारिक तौर पर इस्तेमाल में लाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार स्कूलों में ईको क्लब के जरिए विद्यार्थियों को लगातार पर्यावरण बदलाव, लोगों के बदलते रहन-सहन, पर्यावरण सुरक्षा के वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसमें साफ-सफाई अभियान से लेकर पौधारोपण जैसी गतिविधियां होती हैं। प्रतीक चिह्न तैयार करने समय इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि उसमें पर्यावरण प्रेमी जीवन यापन, ऊर्जा और पेयजल को व्यर्थ न गंवाने जैसे संदेश दिए गए हों। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए पांच मार्च तक आवेदन किए जा सकते हैं।
कोट्स
स्कूलों में विद्यार्थियों को पर्यावरण में आ रहे बदलावों और उन्हें कैसे रोका जा सकता है, इसको लेकर अभियान चलाए जाते है। ईको क्लब पर्यावरण की वर्तमान स्थिति से अच्छी तरह परिचित हैं। यही कारण है कि उन्हें लोगो तैयार करने का जिम्मा दिया गया है। इस प्रतियोगिता में ईको क्लब ही हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि प्रतिभागी एकल या टीम के रूप में हो सकते हैं।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग।