ऊना। प्रदेश में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। परिवहन निगम ने ई-बसों के संचालन को सुचारु बनाए रखने और उनकी बैटरियों को समय पर पूरी तरह चार्ज करने के लिए रात के समय विशेष व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इसके तहत चार्जिंग स्टेशनों पर अलग से चालकों की तैनाती की जाएगी। ये चालक स्टेशन पहुंचने वाली ई-बसों की चार्जिंग करेंगे। हालांकि दिन के समय में रूट पर चलने के दौरान भी कुछ समय के लिए इन बसों को चार्ज किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार ई-बसें दिनभर विभिन्न रूटों पर यात्रियों को सेवा देने के बाद रात के समय निर्धारित चार्जिंग स्टेशनों पर खड़ी की जाएंगी। बता दें कि एचआरटीसी ऊना डिपो में 35 ई-बसें विभिन्न रूटों पर दौड़ेंगी। इसके अलावा गढ़शंकर, नवांशहर और होशियारपुर अंतरराज्यीय रूटों पर भी ई-बसों को चलाने की कवायद तेज हो गई है। निगम के अनुसार शुरूआत में ई-बसों को जिला में 170 किलोमीटर लंबे रूटों पर उतारा जाएगा। इन रूटाें पर पहले से चल रही एचआरटीसी की सामान्य बसों को हटाकर छोटे रूट पर लगाया जाएगा।
75 मिनट मिनट में चार्ज होगी ई-बस
चार्जिंग स्टेशन के एक ही प्वांइट से यदि एक ई-बस चार्ज करते हैं तो 75 मिनट में चर्जिंग पूरी हो जाएगी। इसके अलावा यदि दो ई-बसों की एक साथ चार्जिंग करेंगे तो तीन घंटे का समय लगेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए रात के समय चार्जिंग का शेड्यूल बनाया गया है ताकि सुबह तक बसें पूरी क्षमता के साथ तैयार रहें। हरोली, आईएसबीटी ऊना और एचआरटीसी वर्कशॉप रामपुर में बनाए गए चार्जिंग स्टेशनों पर दो चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, जिससे एक साथ दो बसों को चार्ज किया जा सकेगा।
ई-बसों को चार्ज करने के लिए रात के समय चार्जिंग स्टेशनों पर चालक को तैनात किया जाएगा। ई-बसों की चार्जिंग किसी और को नहीं सौंप सकते हैं।
-राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी, ऊना