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Una News: जुगाड़ से चल रहा दुलैहड़ अस्पताल

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एक चिकित्सक के सहारे लोगों की सेहत
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अस्पताल में रोजाना रहती है 100 से अधिक की ओपीडी
मजबूरी में मरीजों को करना पड़ रहा अन्य अस्पतालों का रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
दुलैहड़ (ऊना)। उपमंडल हरोली के तहत सीएचसी दुलैहड़ में स्वास्थ्य सेवाएं रामभरोसे हैं। अस्पताल में एक ही चिकित्सक सेवाएं दे रहा है। जबकि, तीन चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस अस्पताल में रात के समय भी आपातकाल में स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं लेकिन सेवाओं को चलाने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को जुगाड़ करना पड़ रहा है। अन्य क्षेत्रों से चिकित्सकों की रात के समय दुलैहड़ सीएससी में ड्यूटी लगाई जाती है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जाए ताकि उपचार के लिए लोगों को अनेक क्षेत्रों का रुख न करना पड़े।
स्थानीय लोगों विकास कुमार, प्रेमचंद, सुनील कुमार, बलबीर कुमार, मनीष कुमार, नानक चंद, हुसन चंद, अनिता कुमारी, रामपाल, प्रवेश शर्मा, राजेश कुमार आदि ने सरकार से मांग की है कि क्षेत्र के सीएचसी दुलैहड़ में स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी की जाए ताकि लोगों को उनके घर के नजदीक ही बेहतर उपचार व स्वास्थ्य सेवाएं मिल संके। सीएचसी दुलैहड़ के साथ लगते गोंदपुर जयचंद, पोलियां, गोंदपुर बुल्लां, सिंगा, बीटन, हीरां थड़ा, कुठार बीत, जखेवाल आदि क्षेत्रों के लोग भी सीएचसी दुलैहड़ में ही उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में रोजाना औसतन 100 के करीब मरीजों की ओपीडी रहती है। जबकि एक चिकित्सक होने के कारण उस पर भी काम का बोझ बढ़ रहा है तथा लोगों को भी उपचार करवाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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कोट्स
सीएचसी दुलैहड़ में चिकित्सकों की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया है। स्टाफ की तैनाती विभाग के स्तर पर ही तय होती है। दुलैहड़ में चिकित्सकों की कमी है, इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
डॉ. शिंगारा, कार्यकारी खंड स्वास्थ्य अधिकारी हरोली
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