शिमला में पीलिया प्रकरण के बाद अब आईपीएच विभाग की लापरवाही के चलते पांवडा में पीलिया रोग फैल सकता है। गगरेट क्षेत्र की बड़ोह पंचायत के तहत पांवडा गांव में आईपीएच विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। इसमें विभाग की कार्यप्रणाली सवालिया घेरे में आ गई है। लोग मजबूरन गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
आलम यह है कि गांव में दूषित पेयजल सप्लाई हो रही है। जहां से पानी लिफ्ट किया जा रहा है, वहां गंदगी और सांप आम देखे जा सकते हैं। अब तो पांवडा के ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आने शुरू हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार पांवडा में स्थित आईपीएच विभाग की रिग से होने वाली पेयजल सप्लाई दूषित है, जिससे लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है। लोग मजबूरन यही पानी पीने को मजबूर हैं। क्षेत्र के स्कूलों व अन्य शैक्षणिक संस्थानों व घरों में गंदे पानी की सप्लाई होने से लोग अब बीमारियों की चपेट में भी आने शुरू हो गए हैं। जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
अमर उजाला टीम के पास आए एक सनसनीखेज वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पेयजल रिग के समीप बनाए गए टैंक में एक तरफ जहां गंदगी फैली हुई है, वहीं दूसरी ओर इसी पानी में सांप भी डेरा जमाए हुए हैं।
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पानी के ऊपर हरे रंग की काई की परत भी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे नन्हे बच्चे पीलिया रोग की चपेट में आने शुरू हो गए हैं। इस रिग से लगभग 80-90 घरों को पानी की सप्लाई भी है। विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी इस मसले को गंभीरता से लेते दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लिगभग छह माह से समस्या जस की तस बनी हुई है और विभाग गहरी नींद सोया हुआ है।
आईपीएच विभाग के एसडीओ अश्वनी बंसल ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। जल्द ही मामले को लेकर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर, आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता केसी राणा ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। कनिष्ठ अभियंता को पेयजल सप्लाई को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जंाच की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने के लिए प्रयासरत है।