ऊना। नोटबंदी के बाद ऊना अस्पताल में टेस्ट करवाने के लिए कैश के झंझट से रोगियों को छुटकारा मिलेगा। अस्पताल में स्थित एसआरएल लैब में अब रोगियों के लिए स्वाइप मशीन स्थापित कर दी गई है जिससे अब अस्पताल में टेस्ट करवाने पहुंचे रोगी एटीएम कार्ड से अपना शुल्क अदा कर सकेंगे। इससे रोगियों को पैसों के झंझट में नहीं पड़ना पड़ेगा।
नोटबंदी के बाद सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले रोगियों व तीमारदारों में कैश न होने के चलते काफी दिक्कतों का सामन करना पड़ रहा है, जिसको लेकर अस्पताल में तैनात कर्मियों के साथ भी हल्की नोंकझोंक होने के मामले आ रहे हैं। नोटबंदी होने के बाद सरकार ने कुछ समय तक अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में पुराने नोट स्वीकार करने की अनुमति दी थी, लेकिन अब समय सीमा बीत जाने के बाद अस्पतालों सहित अन्य जगहों, कार्यालयों में भी पुराने नोट नहीं चल रहे हैं। जबकि लोगों के पास कैश न होने से भी अस्पताल में आपात स्थिति में पहुंचने वाले मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा था। जबकि नए दो हजार के नोट के छुट्टे न होने से भी दिक्कतें पेश आ रही थीं। इसी मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए एसआरएल लैब ऊना में स्वाइप मशीन की पहल की है, जिससे रोगियों को लाभ मिल रहा है। अब रोगियों को टेस्ट करवाने के लिए जेब में कैश रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उधर, एसआरएल लैब में कार्यरत सीनियर सांइटिफिक ऑफिसर मीनाक्षी उत्तम व जेएसओ गोविंद वशिष्ठ ने बताया कि लैब में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वाइप मशीन स्थापित की गई है, जिसका सभी लाभ उठा सकते हैं।
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