ऊना। जिले में सर्द हवाओं के साथ धुंध के प्रकोप ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। सुबह और देर रात को धुंध की चादर बिछने से सड़कों पर वाहन चालकों का आगे बढ़ना मुश्किल हो चुका है। वीरवार सुबह के समय धुंध के बीच महज एक से दो मीटर की दृश्यता से लोगों को काफी परेशानी हुई। सुबह के समय सब्जी मंडी में खरीदारी करने या अन्य जरूरी कार्यों से घरों के बाहर निकले लोगों को सर्द हवाओं के साथ धुंध से दो चार होना पड़ा। इससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हुई।
जानकारी के अनुसार जिले में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस के करीब जा पहुंचा है। इसमें वीरवार को 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि अधिकतम तापमान भी 1.5 डिग्री सेल्सियस से लुढ़ककर 19 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। हालांकि बीते साल दिसंबर में धुंध का प्रकोप इस वर्ष के मुकाबले पहले शुरू हो गया है। लेकिन इस वर्ष बेशक धुंध की चादर देरी से बिछी, लेकिन बेहद कम दृश्यता ने सड़कों पर हादसों के खतरे को बढ़ा दिया है। खासकर जिले का अति व्यस्तम चंडीगढ़-धर्मशाला सड़क मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार धुंध के बीच हादसों का कारण बन सकती है। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से जगह-जगह पर चेतावनी बोर्ड लगाए हुए हैं, लेकिन घनी धुंध में उन्हें देख पाना भी मुमकिन नहीं है। खासकर सोमभद्रा नदी के आसपास के इलाकों पर धुंध का अधिक प्रकोप है। उक्त इलाकों से वाहन लेकर गुजरना सुबह के समय तो बेहद मुश्किल है।
धुंध में सैर करने से बचें
उधर क्षेत्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके वर्मा ने धुंध के बीच सैर करने से बचने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि धुंध के बीच पड़ने वाली ओस में प्रदूषण की मात्रा अधिक होने के कारण वह सेहत के लिए हानिकारक होती है। कहा कि धुंध की बीच सांस के मरीज, दिल के मरीज सहित अन्य बीमारियों के ग्रसित लोगों की समस्या बढ़ सकती है। खासकर अधिक उम्र के लोगों को धुंध के बीच बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।
मौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया कि जिले में धुंध का प्रकोप आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। कहा कि तापमान में और गिरावट आ सकती है। लोग मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही घरों से बाहर निकलें।