ऊना। पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए जल शक्ति विभाग को बड़ी कामयाबी मिली है। विभाग की ऊना में स्थापित लैब को एनएबीएल (नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड ऑफ टेस्टिंग एंड कैलीबरेशन लैबोट्री) से मान्यता मिल गई है। इससे जिले में पानी के सैंपल की जांच बेहतर तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर होगी।
लैब के संचालन के लिए विशेषज्ञ की अलग से तैनाती कर दी गई है। लैब में करीब 15 लाख से आधुनिक जांच उपकरण भी स्थापित किए गए हैं। जिले में पीने के पानी की जांच के लिए जलशक्ति विभाग की तरफ से जिला मुख्यालय में जांच लैब स्थापित की गई है। एनएबीएल से मान्यता मिलने पहले विभाग अपने स्तर पर पानी की गुणवत्ता की जांच करता था। इसके अलावा पेयजल की विस्तृत जांच के लिए उसे एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैब में भेजना पड़ता था। इससे रिपोर्ट आने में समय लगता था। अब एनबीएल की मान्यता मिलने के बाद पानी की जांच के लिए आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञों की टीम परीक्षण करेगी। इसके अलावा सैंपल की उच्च स्तरीय जांच के लिए भी अब अन्य लैब पर निर्भर नहीं रहना होगा।
बता देें कि जल शक्ति विभाग की तरफ से पानी के नमूनों की जांच की जाती है। इसमें जल भंडारण टैंक, प्राकृतिक जल स्रोतों की जांच की जाती है। इस प्रयोगशाला में जल शक्ति विभाग की करीब 15 लाख रुपये से आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। इस संबंध में जल शक्ति विभाग के एक्सईएन नीरज धीमान ने बताया विभाग की वाटर टेस्टिंग लैब को एनएबीएल से मान्यता मिलने से काफी लाभ होगा। पानी की जांच बेहतरीन और उच्च मानकों पर होगी।
जल जनित रोगों से बचाव में सुविधा
जलजनित रोगों से बचाव के लिए जल शक्ति विभाग की एनएबीएल मान्यता प्रयोगशाला अहम भूमिका निभाएगा। पानी की जांच के लिए जैसे ही सैंपल लैब में जांच के लिए लाया जाएगा। इस दौरान पानी की जांच काफी कम समय में पूरी कर ली जाएगी। इससे जल जनित रोगों के फैलाव को रोका जा सकेगा।