गगरेट (ऊना)। बरसात के मौसम में गगरेट क्षेत्र की कई सड़कों के किनारे खड़े पुराने और घने पेड़ राहगीरों व वाहन चालकों के लिए खतरा बन गए हैं।
लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के चलते इन पेड़़ों के गिरने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई पेड़़ काफी पुराने हो चुके हैं और उनकी बड़ी-बड़ी शाखाएं सड़क के ऊपर तक फैल गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कई स्थानों पर स्थिति ऐसी है कि बसों, ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों को पेड़ों की झुकी हुई टहनियों से छूकर गुजरना पड़़ता है। इससे न केवल वाहनों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है, बल्कि अचानक शाखा टूटने की स्थिति में गंभीर दुर्घटना भी हो सकती है। कई जगह पेड़ों की टहनियां बिजली की तारों के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं।
तेज हवा चलने पर इनके तारों से टकराने की आशंका बनी रहती है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ शॉर्ट सर्किट और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
गगरेट- होशियारपुर मार्ग पर पीपल के पेड़ की टहनियों से छूकर ट्रक गुजरते हैं। वहीं दौलतपुर मार्ग पर गगरेट अस्पताल के सामने और कुछ स्थानों पर सूखे पेड़ खतरा बने हुए हैं। गगरेट-दौलतपुर पुल से पहले मोड़ पर सफेदे की टहनियां वाहनों से टकराती हैं।
स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और बिजली बोर्ड से मांग की है कि सड़क किनारे खतरनाक पेड़ों और उनकी बढ़ी हुई टहनियों का संयुक्त निरीक्षण कर जल्द छंटाई करवाई जाए।
गगरेट अस्पताल के सामने सड़क किनारे खड़ा सूखा पेड़ । संवाद