थानाकलां (ऊना)। जिले में उद्यान विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और किसानों की मेहनत से ड्रैगन फ्रूट की खेती अब सफलता की नई कहानी लिख रही है। जिले के कई प्रगतिशील किसानों ने ड्रैगन फ्रूट की सफल पैदावार कर न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि स्थानीय उपभोक्ताओं को भी ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण फल उपलब्ध करवा रहे हैं। इसी कड़ी में कई किसानों ने ड्रैगन फ्रूट के विपणन को लेकर चिंता जताई है।
बौल उपरली के रोशन लाल, तनोह की शकुंतला देवी एवं प्रकाश चंद, जोल के निआज़ मोहम्मद, सिहाणा के रिखी राम, अंब के रीवा सूद एवं मुश्ताक मोहम्मद, सलोह स्थित जसवाल फार्म तथा धर्मशाला महंता के रशपाल ने बताया कि वर्तमान में उनके फार्म पर तैयार ड्रैगन फ्रूट 50 से 70 रुपये प्रति फल की दर से बिक्री के लिए उपलब्ध है। किसानों ने बताया कि उद्यान विभाग के प्रयासों से जिले में ड्रैगन फ्रूट की व्यावसायिक खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन किसानों को विपणन संबंधी कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि फार्म से ड्रैगन फ्रूट की खरीदारी करने बहुत कम लोग पहुंचते हैं, जबकि उत्पादन अधिक मात्रा में है। उन्होंने कहा कि ड्रैगन फ्रूट की बिक्री के लिए पर्याप्त मार्केट नहीं मिल पा रही है। उन्होंने विभाग से विपणन को लेकर कोई ठोस योजना बनाने की मांग की है।
उद्यान विभाग के प्रसार अधिकारी वीरेंद्र ने कहा कि जिन किसानों को बाजार की जानकारी और विपणन के उचित माध्यमों की जानकारी नहीं है, उन्हें ही अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रैगन फ्रूट की अच्छी मांग है और यदि किसान सीधे उपभोक्ताओं, फल विक्रेताओं, सुपरमार्केट, होटल तथा ऑनलाइन माध्यमों से संपर्क करें तो उन्हें उचित बाजार मिल सकता है। विभाग भी किसानों को विपणन संबंधी जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध करवा रहा है।