कई सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूलों में चल रहीं छुट्टियां
अभिभावकों ने कहा, निजी स्कूल कर रहे मनमानी, एक समान लागू होने चाहिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के निजी स्कूलों पर शायद प्रशासन और सरकार के आदेश लागू नहीं होते। ऊना जिले के सभी स्कूलों में एक जनवरी से शीतकालीन छुट्टियां घोषित की गई हैं, लेकिन कुछ निजी स्कूल संचालकों ने मनमानी दिखाते हुए शनिवार यानी तीन जनवरी तक स्कूल खुले रखे। इसके लिए परीक्षाओं और अन्य गतिविधियों का बहाना बनाया जा रहा है। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि यदि स्कूलों को लेकर कोई आदेश जारी होता है तो वह सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने स्कूल प्रबंधनों की मनमानी पर प्रशासन से कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार ऊना जिले के सभी स्कूलों में हर वर्ष जनवरी माह की शुरुआत में सात दिन की शीतकालीन छुट्टियां होती हैं। पहले यह व्यवस्था दिसंबर माह के अंतिम दिनों में लागू रहती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर एक से सात जनवरी कर दिया गया है। हालांकि, सभी सरकारी और अधिकतर निजी स्कूल आदेशों के अनुसार एक जनवरी से बंद हैं, लेकिन जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में संचालित कुछ निजी स्कूलों की कक्षाएं शनिवार तक जारी रहीं। इनमें छोटे बच्चों को भी कोई छूट नहीं दी गई। स्कूलों के इस अलग-अलग रवैये से अभिभावक खासे नाराज हैं और उन्होंने इस अव्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई है।
अभिभावक सोनू हीर ने बताया कि शिक्षा विभाग की व्यवस्था के अनुसार इस समय स्कूलों में छुट्टियां हैं। ऐसे में निजी स्कूल किस अधिकार के तहत स्कूल खोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार के दो बच्चे अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं, तो एक को छुट्टी मिल रही है जबकि दूसरा स्कूल जाने को मजबूर है। इससे बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और अभिभावक भी कहीं बाहर जाने के बजाय घर में ही रहने को मजबूर हैं।
वहीं, अभिभावक रंजना देवी ने कहा कि यदि आदेशों के विपरीत स्कूल संचालित हो रहे हैं और इस दौरान बच्चों के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि जब सरकारी व्यवस्था के अनुसार छुट्टियां चल रही हैं, तो बोर्ड अलग होने के नाम पर छुट्टियों के लिए अलग-अलग मापदंड तय नहीं किए जाने चाहिए।
इस संबंध में उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार तक्खी ने बताया कि कुछ स्कूलों में तीन जनवरी तक कक्षाएं संचालित किए जाने की जानकारी उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधकों से इसका कारण पूछा जाएगा और सभी स्कूलों को विभाग की ओर से तय की गई व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे।