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रेलवे की भूमि के दस्तावेज अदालत में पेश

Mon, 28 Mar 2016 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊना
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कोर्ट - फोटो : demo
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ऊना। किसानों की भूमि अधिग्रहीत करने के बाद मुआवजा न देने के मामले में सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ऊना में किसानों की ओर से रेलवे को दी गई भूमि के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। जिला ऊना के ऐसे पांच मामलों में लगभग ढाई करोड़ की मुआवजा राशि न देने पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने किसानों की अधिग्रहीत की गई जमीन का पूरा ब्योरा तलब कर उसकी खुली नीलामी के आदेश दिए थे। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ की अदालत में हुई मामलों की सुनवाई में रेलवे की ओर अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मुआवजा राशि हाईकोर्ट में जमा करवा दी गई है और रेलवे ने इस मामले में हाईकोर्ट में अपील भी की है। वहीं, अदालत की ओर से सभी दस्तावेजी सुबूत 20 अप्रैल तक जिला अदालत में जमा कराने के आदेश दिए गए।
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किसानों की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने बताया कि अदालत ने अधिग्रहीत की गई जमीन के पूरे दस्तावेज अदालत में जमा करवाने के आदेश दिए थे ताकि इस भूमि की वर्तमान बाजार भाव पर खुली नीलामी की जा सके। इस बाबत सभी कागज कोर्ट में पेश कर दिए गए हैं। अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने बताया कि 30 मार्च 2012 को चुरडू निवासी योगराज की भूमि के बदले 79 लाख 40 हजार 752 रुपये मुआवजा तय हुआ था। इसी तरह चुरडू के रणजीत को 38 हजार 288, जबकि दियाड़ा के भगत राम को 30 जुलाई 2011 को 72 लाख 79 हजार 661 रुपये मुआवजा अदालत द्वारा तय किया गया। वहीं, दियाड़ा के ही गुरनाम सिंह को 9 लाख 19 हजार 516 तथा रामकिशन को 95 लाख 37 हजार 739 रुपये 30 जुलाई 2011 को मुआवजे के तौर पर देना तय हुआ। सैणी ने बताया कि अदालत ने उक्त रकम रेलवे को 15 प्रतिशत ब्याज राशि के साथ देने के आदेश दिए हैं। अदालत के आदेश पर चुरूड़ू-टकारला रेलवे स्टेशन के इर्द-गिर्द करीब 20 खसरा नंबरों के दस्तावेजों की सूची पेश की गई है। इस मामले की आगामी सुनवाई 20 अप्रैल तय की गई है।
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