जिला के पहले औषधीय उत्पाद स्टोरेज केंद्र के लिए चयनित भूमि।
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ऊना। चुरूड़ू में जिले का पहला औषधीय पौध स्टोरेज केंद्र स्थापित किया जाएगा। आयुर्वेद विभाग की तरफ से स्टोरेज केंद्र को बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इस केंद्र के बनने से जिला में औषधीय पौधों की खेती कर रहे किसानों को लाभ मिलेगा। स्टोरेज केंद्र में विभिन्न जड़ी-बूटियां आदि को स्टोर कर रखा जा सकेगा। इसके अलावा इन उत्पादों की खरीद करने वाले कंपनियों भी कच्चा माल इस केंद्र से खरीद सकेगी।
कोरोना काल के दौरान जिले में बढ़ी औषधीय पौधों की खेती के चलते किसानों को उत्पाद बेचने में भटकना पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए जिले में पहला औषधीय पौध स्टोरेज और कलेक्शन सेंटर खुलने जा रहा है। चुरूरू में केंद्र का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। इस केंद्र में औषधीय पौधों के उत्पाद और कच्चे माल को स्टोर किया जाएगा। इससे किसानों को अपने उत्पादों को बेचने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
बता दें कि जिले में अब किसानों ने परंपरागत खेती के अलावा औषधीय पौधों की खेती में अपनी रुचि दिखाना शुरू कर दिया है। स्टोरेज और खरीद केंद्र में गिलोय, एलोवेरा, शतावर, सर्पगंध, नीम, आंवला, अश्वगंधा सहित अन्य औषधीय जड़ी-बूटी खरीदने की सुविधा मिलेगी। केंद्र का निर्माण जुलाई में शुरू होगा। इस संबंध में जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि जिले में पहला औषधीय उत्पाद खरीद और स्टोरेज केंद्र चुरूरू में स्थापित होने जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। करीब दस लाख की लागत से केंद्र का निर्मण किया जा रहा है।
किसानों से मार्केट रेट पर होगी खरीद
इस समय जिले में लगभग 50 हेक्टेयर की भूमि पर औषधीय पौधों की खेती जा रही है। भविष्य में इसका क्षेत्र बढ़ने की संभावना है। जिला में बनने जा रहे औषधीय उत्पाद केंद्र में किसानों के उत्पाद को मार्केट की चल रहे दाम के हिसाब से खरीदा और बेचा जाएगा। इससे किसानों को लाभ मिल सके। इसके अलावा जिला में अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार के खरीद और स्टोरेज केंद्र स्थापित करने के लिए आयुर्वेद विभाग की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं।