ऊना। डीजल के धुएं से दूरी और बिजली से चलने वाले पहियों की रफ्तार... ऊना जिले में सार्वजनिक परिवहन अब धीरे-धीरे इसी बदलाव की ओर बढ़ रहा है। एचआरटीसी के बेड़े में 17 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने के बाद जिले में ई-बसों की संख्या 52 पहुंच गई है।
इससे नए रूटों पर परिवहन सुविधा बढ़ने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी निगम के इलेक्ट्रिक परिवहन अभियान को मजबूती मिली है। हरोली ई-डिपो को 10 और ऊना डिपो को सात नई ई-बसें मिली हैं।
इनके आने के बाद ऊना-होशियारपुर-चिंतपूर्णी, ऊना-होशियारपुर-धनेटा, ऊना-होशियारपुर-घनेड़ और ऊना-बद्दी रूटों पर ई-बसों का संचालन बढ़ाया गया है। ऊना-नंगल-नादौन रूट पर भी रविवार से ई-बस सेवा शुरू कर दी गई है।
हरोली बना प्रदेश का पहला ई-बस डिपो
हरोली में 2 अगस्त को प्रदेश का पहला ई-बस डिपो शुरू किया गया था। इसके बाद जिले में इलेक्ट्रिक परिवहन के विस्तार की प्रक्रिया तेज हुई। अब 17 नई बसें जुड़ने से ऊना और हरोली डिपो का ई-बस बेड़ा और मजबूत हुआ है।
लंबे रूटों पर भी परखी क्षमता
एचआरटीसी पहले ही ई-बसों को लंबी दूरी के रूटों पर परख चुका है। हरोली से एआईआईएमएस बिलासपुर-चिंतपूर्णी रूट पर ई-बस का ट्रायल किया गया था। वहीं, हरोली-चंडीगढ़ रूट पर भी इसका संचालन कर लंबी दूरी तय करने की क्षमता जांची गई। एक ई-बस को चार्ज करने में करीब तीन घंटे लगते हैं। इसमें ईंधन के बजाय बिजली का इस्तेमाल होता है।
ऊना को 17 नई ई-बसें मिली हैं। इन्हें जरूरत के अनुसार लंबे रूटों पर चलाना शुरू कर दिया है। हरोली ई-डिपो और ऊना डिपो की ई-बसें अधिकतर लंबे रूटों पर दौड़ाई जा रही हैं। - राजेश जोशी, कार्यकारी उपमंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी ऊना