ऊना। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने पीरनिगाह मंदिर के संचालन अधिकार को लेकर बसोली के ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के बीच उपायुक्त कार्यालय परिसर में धारा 163 लागू किए जाने की कड़े शब्दों में आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन कांग्रेस नेताओं के इशारे पर राजनीतिक कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।
सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि ग्रामीण अपने अधिकार की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे। उन्होंने न तो किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और न ही कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया, ऐसे में उन पर प्रतिबंध लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को राजनीतिक दबाव में काम करने के बजाय निष्पक्षता के साथ ग्रामीणों की शिकायत सुननी चाहिए।
विधायक ने आरोप लगाया कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे को देखकर कुछ अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के हित जागृत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और बीडीओ को तत्काल वहां लाया गया है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन अधिकारियों को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी और निष्पक्षता नहीं भूलनी चाहिए।