ऊना। जिले में सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को फ्लू जैसे लक्षणों वाले रोगियों की जानकारी सीएमओ या बीएमओ को देनी होगी। इसके लिए डीसी ऊना राघव शर्मा ने ओदश जारी कर कानूनन रूप से बाध्य कर दिया है। वहीं, कोरोना लक्षण वाले मरीजों को बिना डॉक्टरी परामर्श पर्ची के केमिस्ट दवाई नहीं दे पाएंगे।
जिला दंडाधिकारी ऊना राघव शर्मा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत आदेश जारी किए हैं कि कोविड-19 के लक्षण से ग्रसित कई मरीज स्वास्थ्य विभाग को समय पर सूचित कर अपना परीक्षण नहीं करा रहे हैं। ऐसे मरीज बिना टेस्ट अन्य चिकित्सकों, कैमिस्ट इत्यादि से अपना इलाज करवा रहे हैं। स्थिति गंभीर होने पर ही स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग को ऐसे रोगियों के इलाज के लिए कठिनाई हो रही है और सामुदायिक संक्रमण फैलाने में भी सहायक बन रहे हैं। डीसी ने आदेश दिए कि कोविड-19 के लक्षण वाले कोई भी मरीज निजी चिकित्सक के पास उपचार को आते हैं तो उनकी सूचना तुरंत सीएमओ ऊना या संबंधित बीएमओ को देना कानूनन अनिवार्य होगा। वहीं, डीसी राघव शर्मा ने आम जनता से भी अपील की है कि कोविड संक्रमण को रोकने के लिए अपना सामाजिक दायित्व समझते हुए प्रशासन का सहयोग करें तथा कोविड सुरक्षा नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करें।
पूर्व में करवाए इलाज की लेनी होगी जानकारी
सीएमओ संबंधित बीएमओ और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को प्रत्येक कोरोना पॉजिटिव मरीज से यह जानकारी अनिवार्य रूप से लेने होगी कि क्या उसने स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने से पूर्व अपना इलाज किसी व्यक्ति से करवाया था अथवा नहीं। क्या उसने चिकित्सक के परामर्श के बिना इलाज के लिए दवाई खरीदी थी अथवा नहीं। यह आदेश सभी निजी चिकित्सकों पर लागू होंगेे।
सीएमओ और बीएमओ कार्रवाई के लिए अधिकृत
किसी भी कोरोना पॉजिटिव मरीज से प्राप्त जानकारी से यह पाया जाता है कि किसी चिकित्सक ने पूर्व में उसका इलाज किया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को सूचित नहीं किया है अथवा किसी केमिस्ट, दुकानदार ने उस मरीज को लक्षणों से संबंधित दवाई बिना चिकित्सक के परामर्श के दी है। ऐसी स्थिति में आदेशों का उल्लंघन समझा जाएगा। सीएमओ व संबंधित बीएमओ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 60 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी पंचायत प्रधान और शहरी क्षेत्र में सभी वार्ड सदस्य इन आदेश के बारे में अपने क्षेत्र के सभी निजी चिकित्सकों, वैद्य, हकीम इत्यादि को उनकी कानूनी जिम्मेदारी के बारे में शीघ्र व्यक्तिगत रूप से सूचित करेंगे