लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों के लगाने पड़ रहे चक्कर
अस्पताल में विशेषज्ञ की तैनाती के लिए कई बार उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। नागरिक अस्पताल गगरेट ने शिशु रोग विशेषज्ञ न होने के चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर कई बार अस्पताल प्रबंधन की तरफ से उच्च अधिकारियों के समक्ष मांग रखी गई है लेकिन अभी तक इस मांग पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में अभिभावकों को अपने बच्चों की जांच के लिए निजी अस्पताल और नागरिक अस्पताल अंब का रुख करना पड़ रहा है।
उपमंडल गगरेट के सबसे बड़े अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इस अस्पताल पर मंडल की 35 के करीब पंचायतों के स्वास्थ्य का जिम्मा है। इसके अलावा चिंतपूर्णी सहित धर्मशाला जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह अस्पताल बहुत महत्वपूर्ण है। यदि सफर के दौरान शिशु रोग से संबंधित कोई समस्या किसी को हो जाती है तो उसके लिए लोग नागरिक अस्पताल गगरेट ही पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ न होने के चलते उन्हें मायूस होकर निजी अस्पताल या अन्य जगहों का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञों की तैनाती के लिए मांग काफी समय से उठाई जा रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए धरातल पर अभी कोई भी कार्य नहीं हो पा रहा है।
उपमंडल में नहीं है कोई शिशु रोग विशेषज्ञ
उपमंडल में नागरिक अस्पताल गगरेट सहित सीएचसी दौलतपुर में भी कोई भी शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में उपमंडल के लोगों को अपने बच्चों की जांच के लिए या तो होशियारपुर के निजी अस्पतालों या अन्य उपमंडलों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
कोट्स
नागरिक अस्पताल गगरेट सहित क्षेत्र के किसी भी अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसे लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष मांग उठाई गई है। विशेषज्ञ की तैनाती का फैसला उच्च अधिकारियों के स्तर पर ही किया जाता है।
पंकज पराशर, खंड चिकित्सा अधिकारी गगरेट