बंगाणा (ऊना)। जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में स्थित गोबिंद सागर झील के घाटों पर लगातार हो रहे हादसों के बावजूद लोग सबक लेने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बाद भी श्रद्धालु अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे पानी में उतर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
झील के आसपास जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं। उपमंडल बंगाणा प्रशासन भी लोगों से अपील करता रहा है कि वे पानी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इसके बावजूद बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालु नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि तीन अप्रैल को पंजाब से आए श्रद्धालुओं के एक समूह में शामिल एक युवक का पैर फिसलने से वह झील के गहरे पानी में समा गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी थी लेकिन इसके बाद भी हालात में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा। शनिवार दोपहर को एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया। पंजाब से आए श्रद्धालु मंदली में बिहडू घाट स्थित अंदरोली बाबा गरीब नाथ मंदिर के समीप पानी में उतर गए। मौके पर मौजूद एक अध्यापक ने उन्हें चेताया कि आगे पानी काफी गहरा है और हाल ही में यहां हादसा भी हो चुका है। पहले तो श्रद्धालुओं ने चेतावनी को नजरअंदाज किया लेकिन सख्ती से समझाने पर वे महिला व बच्चों सहित पानी से बाहर निकले।
एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल ने लोगों से अपील की है कि वे झील के किनारे सुरक्षा नियमों का पालन करें और चेतावनियों को गंभीरता से लें ताकि अनमोल जीवन को बचाया जा सके।